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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसानों को समय पर कृषि आदान मिलना चाहिए : श्री पटेल

किसानों को समय पर कृषि आदान मिलना चाहिए : श्री पटेल

म.प्र. के कृषि मंत्री से कृषक जगत की बातचीत

07 जुलाई 2020, भोपाल। किसानों को समय पर कृषि आदान मिलना चाहिए : श्री पटेल – राज्य में खरीफ की बुवाई जोरों पर है ऐसे में समय पर कृषकों को कृषि आदान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्हें गुणवत्ता युक्त खाद, बीज एवं कीटनाशक मिलना चाहिए। जिससे बेहतर उत्पादन लिया जा सके। इसके लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। गत रबी में गेहूं का बम्पर उत्पादन 337 लाख टन होने का अनुमान है इसमें से 129 लाख टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया जो एक रिकार्ड है। हम पंजाब को पीछे छोड़ कर पहले स्थान पर आ गए हैं। यह जानकारी प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कृषक जगत को एक विशेष मुलाकात में दी।

श्री पटेल ने बताया कि अब तक चालू खरीफ में राज्य में 71 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बोनी कर ली गई है। जो लक्ष्य के विरुद्ध 48 फीसदी है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन की बुवाई में तेजी आयी है अब तक 42 लाख हेक्टेयर को पार कर गई है। वहीं मक्का 10 लाख हे. से अधिक तथा कपास की बोनी 5.40 लाख हेक्टेयर में हो गई है।

कृषि मंत्री ने बताया कि अभी हाल ही में हुई कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को खाद, बीज एवं कीटनाशकों की अधिक से अधिक सैम्पलिंग करने को कहा गया है ताकि गुणवत्ता युक्त आदान कृषकों को उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि कीटनाशकों की एक अतिरिक्त लैब स्थापित करने के लिए भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

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गेहूं खरीदी में पंजाब को पीछे छोडऩे के संबंध में श्री पटेल ने बताया कि इस वर्ष लगभग 337 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है। इसमें से लगभग 129 लाख टन गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 16 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी के बाद 24 हजार करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया है।

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उन्होंने बताया कि इसके साथ ही चौथे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार 32 लाख 68 हजार टन चने का उत्पादन होगा। समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी भी की जा रही है।

कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार किसान उत्पादक समूह भी बना रही है इन समूहों में सौ से लेकर 1000 किसान रहेंगे। उन्होंने बताया कि मंडी एक्ट में संशोधन के बाद अब मंडी के बाहर के वेयरहाऊस भी प्रायवेट मंडी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे तो प्रदेश समृद्धशाली बनेगा।

राज्य में खरीफ बुवाई 30 जून तक (लाख हे. में)

फसललक्ष्यबुवाई
धान29.794.05
ज्वार1.480.65
मक्का15.1610.84
तुअर4.291.51
उड़द18.094.45
मूंग2.220.5
सोयाबीन57.9442.22
मूंगफली2.560.82
तिल3.810.32
कपास6.195.4