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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषक जगत समाचार@ 5.00 PM: खेती बचाओ I इथेनॉल बढ़ावा I धान खरीदी I कॉफी कीमतें I PM किसान योजना I पशुपालन I जैविक खेती

22 मार्च 2025, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें….

1. “खेती बचाओ, देश बचाओ!”

खेती सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और भविष्य है। आज़ादी के बाद हरित और श्वेत क्रांति ने हमें आत्मनिर्भर बनाया, लेकिन अब खेती को एक बार फिर से नए स्तर पर ले जाने की जरूरत है। आज किसान अपनी ही ज़मीन पर मजदूर बन रहा है, जबकि मुनाफ़ा बड़ी कंपनियों के हाथों में चला गया है। पूरी खबर पढ़े….

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2. इथेनॉल को बढ़ावा, किसानों का फायदा!

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भारत सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 2030 से कम करके 2025-26 कर दिया है यानी कि पैट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनाल मिश्रण का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक हासिल कर लिए जाने की उम्मीद है । सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा 28 फरवरी 2025 तक पैट्रोल में करीब 18 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण किए जाने की सूचना है। पूरी खबर पढ़े….

3. कृषि मंत्री शिवराज ने बताया सरकार ने दस सालों में कितना खरीदा धान

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बताया है कि उनकी सरकार ने दस सालों में कितने मीट्रिक धान की खरीदी एमएसपी पर खरीदा है. दरअसल उन्होंने यह जानकारी लोकसभा में दी है. संसद में उन्होंने बताया कि धान, 2004 से 2014 तक 45 करोड़ 90 लाख मीट्रिक टन खरीदी गई. हमारी सरकार इन दस सालों में अभी तक 75 करोड़ 74 लाख मीट्रिक टन धान एमएसपी पर खरीदा है. पूरी खबर पढ़े….

4. पशुधन क्षेत्र में निजी निवेश को रफ्तार: सरकार ने खोला सब्सिडी और लोन का रास्ता

पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने पशुधन क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ाने के लिए अपनी योजनाओं का खाका पेश किया है। विभाग ने 2013 में तैयार की गई राष्ट्रीय पशुधन नीति के तहत कई चुनौतियों पर काम शुरू किया, जिनमें चारे की कमी, कम उत्पादकता, पशु स्वास्थ्य और बाजार से जुड़े ढांचे की कमी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़े….

5. पीएम-किसान योजना: अपात्र किसानों से 416 करोड़ रुपये वसूले गए, क्या है पूरा मामला?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में पीएम-किसान योजना को लेकर एक अहम जानकारी साझा की है। इस योजना के तहत अब तक देशभर में अयोग्य लाभार्थियों से 416 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। यह योजना, जो फरवरी 2019 में शुरू की गई थी, किसानों को सालाना 6,000 रुपये की वित्तीय मदद देने के लिए बनाई गई थी। पूरी खबर पढ़े….

6. भारतीय कॉफी किसानों को होगा फायदा क्योंकि वैश्विक कीमतें बढ़ रही हैं

वैश्विक कॉफी बाजार में अभूतपूर्व मुद्रास्फीति देखने को मिल रही है, जो प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों, आपूर्ति की कमी और शिपिंग लागत में बढ़ोतरी के कारण हो रही है। वियतनाम, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख कॉफी उत्पादक देश बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते वैश्विक कीमतों में उछाल आया है। पूरी खबर पढ़े….

7. बायोस्टिमुलेंट्स पर सरकार की मोहलत: जानिए क्या है नया आदेश

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) दूसरा संशोधन आदेश, 2025 जारी किया है, जिसमें उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन मुख्य रूप से उन बायोस्टिमुलेंट्स के निर्माण और आयात को प्रभावित करता है, जिनके लिए कोई विशिष्ट मानक निर्धारित नहीं किए गए हैं।पूरी खबर पढ़े….

8. ग्रामीण क्रेडिट स्कोर: गांवों में वित्तीय आजादी की पहली सीढ़ी!

केंद्र सरकार के 2025-26 के बजट में भारत की ग्रामीण आबादी के लिए वित्तीय पहुंच को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत की गई है—ग्रामीण क्रेडिट स्कोर। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा विकसित की जाने वाली यह नवीन प्रणाली, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण उधारकर्ताओं, जैसे किसानों और हाशिए पर रहने वाली समुदायों के लिए क्रेडिट मूल्यांकन में क्रांति लाने के लिए तैयार है। पूरी खबर पढ़े….

9. जैविक खेती को बढ़ावा: सरकार की योजना से मिट्टी को फायदा

मिट्टी में जैविक कार्बन के घटते स्तर से निपटने के लिए भारतीय सरकार ने मिट्टी की सेहत को सुधारने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब तक 24.84 करोड़ से ज्यादा मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड (एसएचसी) किसानों को दिए जा चुके हैं, जिनमें मिट्टी के पीएच, पोषक तत्वों के स्तर और जैविक कार्बन की मात्रा की विस्तृत जानकारी दी गई है। पूरी खबर पढ़े….

10. जलवायु से निपटने को तैयार: ICAR की 2,900 उन्नत फसलें

पिछले एक दशक (2014-2024) में, भारत के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (NARS), जिसमें ICAR संस्थान और राज्य/केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (CAU/SAU) शामिल हैं, ने 2,900 उन्नत खेत फसल प्रजातियाँ और संकर (हाइब्रिड) विकसित किए हैं। इनमें अनाज (1,380), तिलहन (412), दलहन (437), रेशा फसलें (376), चारा फसलें (178), गन्ना (88), और अन्य फसलें (29) शामिल हैं। पूरी खबर पढ़े….