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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

जैविक खेती को बढ़ावा: सरकार की योजना से मिट्टी को फायदा

22 मार्च 2025, नई दिल्ली: जैविक खेती को बढ़ावा: सरकार की योजना से मिट्टी को फायदा – मिट्टी में जैविक कार्बन के घटते स्तर से निपटने के लिए भारतीय सरकार ने मिट्टी की सेहत को सुधारने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब तक 24.84 करोड़ से ज्यादा मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड (एसएचसी) किसानों को दिए जा चुके हैं, जिनमें मिट्टी के पीएच, पोषक तत्वों के स्तर और जैविक कार्बन की मात्रा की विस्तृत जानकारी दी गई है। ये कार्ड किसानों को एकीकृत पोषक प्रबंधन (आईएनएम) के बारे में मार्गदर्शन करते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैविक खाद और जैव-उर्वरकों का संतुलित उपयोग प्रोत्साहित होता है।

जागरूकता बढ़ाने के लिए लगभग 7 लाख खेत प्रदर्शन, 93,781 प्रशिक्षण कार्यक्रम और 7,425 किसान मेलों का आयोजन किया गया है। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसियां (एटीएमए) और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) नियमित रूप से सलाह जारी करते हैं, जबकि 70,002 प्रशिक्षित कृषि सखियां किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड समझने और टिकाऊ तरीकों को अपनाने में मदद करती हैं।

इसके अलावा, सरकार परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के जरिए जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है, जो छोटे और सीमांत किसानों को जैविक खेती के समूह बनाने में सहयोग करती है। उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रमाणन और विपणन के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि एक टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखला तैयार की जा सके। इन पहलों की जानकारी कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी।

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