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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आर्थिक सर्वेक्षण: ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए 2.63 करोड़ घर बनाए  गए

22 जुलाई 2024, नई दिल्ली: आर्थिक सर्वेक्षण: ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए 2.63 करोड़ घर बनाए  गए – केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2024 पेश करते हुए कहा कि ग्रामीण भारत में विकेंद्रीकृत योजना निर्माण, ऋण तक बेहतर पहुँच, महिलाओं का सशक्तिकरण, मूलभूत आवास सुविधा, आदि के माध्यम से समग्र आर्थिक खुशहाली पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

ग्रामीण भारत में जीवन की गुणवत्ता में सुधार

आर्थिक सर्वेक्षण में उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेश के मामले में ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर हुई है। सर्वेक्षण के मुताबिक  पीएम-आवास-ग्रामीण के तहत पिछले नौ वर्षों में (10 जुलाई 2024 तक) गरीबों के लिए 2.63 करोड़ घरों का निर्माण किया गया है l इसके अलावा, 26 जून 2024 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत 35.7 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेश का विस्तार हुआ है। 

मनरेगा के सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और आधुनिक बनाना

आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 ने कहा है कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) में लीकेज को खत्म करने के लिए, काम से पहले, काम के दौरान और काम के बाद भू-टैगिंग की जा रही है और 99.9 प्रतिशत भुगतान राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है।

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सर्वेक्षण में कहा गया है कि मनरेगा में  महिला भागीदारी दर 2019-20 के 54.8 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 58.9 प्रतिशत हो गई है।

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ग्रामीण शासन के लिए डिजिटलीकरण पहल

स्वामित्व योजना के तहत, 2.90 लाख गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और 1.66 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं। आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि 2015 से 2021 के बीच ग्रामीण इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई ।

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