Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषि भवन में किसान कॉल सेंटर आउटबाउंड कॉल सुविधा का मंत्री श्री मुंडा द्वारा शुभारंभ

22 फरवरी 2024, नई दिल्ली: कृषि भवन में किसान कॉल सेंटर आउटबाउंड कॉल सुविधा का मंत्री श्री मुंडा द्वारा शुभारंभ – केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को कृषि भवन में किसान कॉल सेंटर आउटबाउंड कॉल सुविधा का शुभारंभ किया। कृषि भवन स्थित डीडी किसान के स्टूडियो में यह सुविधा स्थापित की गई है।

कृषि मंत्रालय देशभर के किसानों से सीधे करेंगे संवाद

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य अधिकारी अब मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित योजनाओं पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए किसानों को इस केंद्र से आउटबाउंड कॉल कर सकते हैं। साथ ही समय-समय पर विभागीय मंत्री भी देशभर के किसानों में से किसी से भी योजनाओं के बारे में सीधा संवाद करके उनकी प्रतिक्रिया व सुझाव प्राप्त कर सकेंगे। इसके द्वारा किसानों से फीडबैक मिलने से उनके हित में समुचित कार्य तेजी से किया जा सकेगा। योजनाओं की प्रश्नावली और लाभार्थी किसानों की सूची इस केंद्र में उपलब्ध है।

श्री मुंडा ने तमिलनाडु- झारखंड के किसानो से की बात

श्री मुंडा ने तमिलनाडु व झारखंड के किसानों को कॉल कर संवाद किया और कृषि अवसंरचना कोष, प्रति बूंद-अधिक फसल सहित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को मिल रहे लाभों के संबंध में जानकारी प्राप्त की, साथ ही इन योजनाओं को लेकर अन्य किसानों को जागरूक करने का आग्रह भी किया।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

श्री मुंडा ने, किसानों के लिए बेहतर कार्यान्वयन और उन्हें योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक सुधार लाने के संबंध में अधिकारियों से नियमित आधार पर चयनित किसानों को कॉल करने और फीडबैक तंत्र का उपयोग करने का आग्रह किया। इस अवसर पर सचिव मनोज अहूजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

कृषि क्षेत्र, किसानों के हित में अन्य सुविधाएं भी शीघ्र होगी प्रारंभ

केंद्रीय मंत्री श्री मुंडा ने कृषि भवन में कृषि क्षेत्र व किसानों के हित में शीघ्र प्रारंभ की जा रही अन्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की और उन्होंने इंटीग्रेटेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का अवलोकन भी किया। इस केंद्र के माध्यम से मंत्रालय के विभिन्न डिजीटल सिस्टम को इंटीग्रेट करके नीति निर्धारण तथा निर्णयों में सहायता मिलेगी। यहां देशभर के खेतों का अध्ययन हो सकेगा, ताकि सरकार और क्या सुधार कर सकती है, यह निर्णय लेने में सुविधा होगी, साथ ही मौसम, फसल, मृदा स्वास्थ्य, नाशीजीव, बाजार संबंधी जानकारी की उपलब्धता से खेती-किसानी को फायदा पहुंचाया जा सकेगा।

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम)