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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

उर्वरक सब्सिडी 2.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान

08 दिसम्बर 2022, नई दिल्ली: उर्वरक सब्सिडी 2.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान – वैश्विक कीमतों में नरमी आने के बीच सरकार की उर्वरक सब्सिडी का बोझ चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 2.3-2.5 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2023-24 में इसमें 25 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है। उद्योग संगठन फर्टिलाइजर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएआई) ने चिंता व्यक्त की कि यूरिया की स्थिर लागत में वृद्धि नहीं की गई है। इससे यूरिया संयंत्रों की लाभप्रदता प्रभावित हो रही है।

उर्वरक उद्योग बहुत कम मार्जिन (लाभ) पर काम कर रहा है, जो इस क्षेत्र में नए निवेश के लिए बाधा बन रहा है। उद्योग निकाय ने कहा कि चालू रबी सत्र के लिए यूरिया और डीएपी सहित उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है।

एफएआई के अध्यक्ष के मुताबिक ‘हमारा अनुमान है कि उर्वरक सब्सिडी खर्च 2.3 लाख करोड़ रुपये से 2.5 लाख करोड़ रुपये के बीच बैठेगा।Ó उन्होंने कहा कि इससे किसानों को, उर्वरकों और कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज वृद्धि के कारण सभी उर्वरकों की लागत में भारी वृद्धि के प्रभाव से बचाने में मदद मिली है।

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पिछले वित्तवर्ष में उर्वरक सब्सिडी 1.62 लाख करोड़ रुपये रही थी। इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और एफएआई बोर्ड के सदस्य पी एस गहलोत ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में सब्सिडी खर्च में करीब 25 प्रतिशत की कमी आ सकती है क्योंकि वैश्विक स्तर पर कीमतें घटी हैं।

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