राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

तमिलनाडु में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त: जगत प्रकाश नड्डा

10 फरवरी 2026, नई दिल्ली: तमिलनाडु में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त: जगत प्रकाश नड्डा – केंद्र सरकार ने कहा है कि तमिलनाडु में खरीफ 2025 और वर्तमान रबी 2025-26 सीजन के दौरान प्रमुख उर्वरकों—यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीकेएस—की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है।

रबी 2025-26 सीजन के लिए 2 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में यूरिया की उपलब्धता अनुमानित मांग से अधिक रही। जहां 4.97 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) यूरिया की प्रोराटा आवश्यकता थी, वहीं उपलब्धता 6.06 एलएमटी दर्ज की गई। इस अवधि में यूरिया की वास्तविक बिक्री 4.77 एलएमटी रही। इसी तरह, खरीफ 2025 सीजन में यूरिया की उपलब्धता 6.07 एलएमटी रही, जबकि मांग 4.37 एलएमटी आंकी गई थी।

घटिया और नकली उर्वरकों पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने दोहराया कि किसानों तक केवल गुणवत्तापूर्ण उर्वरक पहुंचाने के लिए उसकी नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत घटिया या नकली उर्वरकों के निर्माण और बिक्री पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

अप्रैल 2025 से अब तक देशभर में 4,11,350 निरीक्षण किए गए, 15,024 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 783 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

तमिलनाडु में इस अवधि के दौरान 20,727 निरीक्षण किए गए, जिनके परिणामस्वरूप 50 लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए तथा पांच एफआईआर दर्ज की गईं। सलेम, इरोड, थूथुकुडी, तिरुवारुर और तंजावुर जैसे जिलों में नकली यूरिया, डीएपी और अन्य मिश्रित उर्वरकों की खेप जब्त की गई।

आपूर्ति और वितरण की सतत निगरानी

आगामी कृषि मौसमों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उर्वरकों का आवंटन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आकलन के आधार पर किया जाता है। सभी प्रमुख सब्सिडी वाले उर्वरकों की आवाजाही की निगरानी ऑनलाइन इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (iFMS) के माध्यम से की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की कमी को रोका जा सके।

यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में दी।

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