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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

प्याज के गिरते दामों से संकट में किसान! आंध्र के CM नायडू ने ₹1,200/क्विंटल MSP और मुआवजे देने का किया ऐलान

11 सितम्बर 2025, नई दिल्ली: प्याज के गिरते दामों से संकट में किसान! आंध्र के CM नायडू ने ₹1,200/क्विंटल MSP और मुआवजे देने का किया ऐलान – आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसानों को उनकी उपज के लिए कम से कम ₹1,200 प्रति क्विंटल का लाभकारी मूल्य (MSP) मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह बात राज्य सचिवालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए कि अगर किसान बाजार में निजी व्यापारियों को ₹1,200 प्रति क्विंटल से कम कीमत पर प्याज बेचने को मजबूर होते हैं, तो सरकार उनके नुकसान की भरपाई करेगी। एक सरकारी बयान के अनुसार, यह फैसला किसानों को आर्थिक संकट से राहत देने के लिए लिया गया है, क्योंकि इस बार प्याज की भरपूर पैदावार के बावजूद उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।

मंडियों में प्याज का अंबार, मार्कफेड ने बंद की खरीद

कुरनूल, जो कि राज्य की सबसे बड़ी प्याज मंडियों में से एक है, वहां हाल के दिनों में हजारों क्विंटल प्याज जमा हो गया है। आंध्र प्रदेश मार्केटिंग फेडरेशन (MARKFED) ने 31 अगस्त से प्याज की खरीद शुरू की थी, लेकिन स्टॉक अधिक हो जाने के कारण अब यह प्रक्रिया रोक दी गई है। इससे किसान पूरी तरह निजी व्यापारियों पर निर्भर हो गए हैं।

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कुरनूल के एक स्थानीय व्यापारी कोंडप्पा के अनुसार, प्याज एक जल्दी खराब होने वाली फसल है, जिससे किसान इसे केवल ₹300 से ₹600 प्रति क्विंटल की कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। वहीं व्यापारी वही प्याज खुले बाजार में ₹2,500 से ₹3,000 प्रति क्विंटल में बेच रहे हैं, जिससे किसानों को भारी घाटा हो रहा है।

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बंपर फसल ने बढ़ाई मुसीबत, MSP मिलना भी मुश्किल

स्थानीय किसान थिम्मन्ना बताते हैं कि पिछले साल प्याज की कीमतें ₹5,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थीं, जिससे किसानों को अच्छा लाभ हुआ था। इसी उम्मीद में इस साल उन्होंने बड़ी मात्रा में प्याज की खेती की, जिससे उत्पादन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। लेकिन इस बार बाजार में आपूर्ति ज्यादा और मांग कम होने के चलते कीमतें बहुत नीचे आ गई हैं।

कुरनूल मार्केट यार्ड की सचिव जयलक्ष्मी के अनुसार, सिर्फ 6 सितंबर को ही 16,000 क्विंटल प्याज बाजार में लाया गया, जिससे मंडी में स्टॉक भर गया है और खरीद पर असर पड़ा है। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

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