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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषि मंत्रालय ड्रोन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये तक अनुदान देगा

ड्रोन के लिए समितियों, एफपीओ और कस्टम हायरिंग सेंटर्स को मिलेगी वित्तीय सहायता

28 जनवरी 2022, नई दिल्ली । कृषि मंत्रालय ड्रोन खरीदने  के लिए 10 लाख रुपये तक अनुदान देगा – भारत में गुणवत्तापूर्ण खेती को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों  के लिए ड्रोन तकनीक को किफायती बनाने के दिशानिर्देश जारी किए। “कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन” (एसएमएएम) के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया है, जिसमें कृषि ड्रोन की लागत का 100 प्रतिशत तक या 10 लाख रुपये, जो भी कम हो, के अनुदान की कल्पना की गई थी। यह धनराशि कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थानों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा ड्रोन की खरीद के लिए अनुदान के रूप में दी जाएगी। इसके तहत किसानों के खेतों में बड़े स्तर पर इस तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा।

एफपीओ को अनुदान

कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) किसानों के खेतों पर इसके प्रदर्शन के लिए कृषि ड्रोन की लागत का 75 फीसदी तक अनुदान पाने के लिए पात्र होंगे।

उन  एजेंसियों को 6,000 रुपये प्रति हेक्टेयर आकस्मिक व्यय उपलब्ध कराया जाएगा, जो ड्रोन खरीदने की इच्छुक नहीं हैं लेकिन कस्टम हायरिंग सेंटर्स, हाई-टेक हब्स, ड्रोन मैन्युफैक्चरर्स और स्टार्ट-अप्स से किराये पर लेना चाहते हैं। उन कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए आकस्मिक व्यय 3,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सीमित रहेगा, जो ड्रोन के प्रदर्शन के लिए ड्रोन खरीदना चाहते हैं। वित्तीय सहायता और अनुदान 31 मार्च, 2023 तक उपलब्ध होगा।

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कस्टम हायरिंग सेंटर्स

ड्रोन के उपयोग के माध्यम से कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने के क्रम में, मौजूदा कस्टम हायरिंग सेंटर्स द्वारा ड्रोन और उससे जुड़े सामानों की 40 प्रतिशत मूल लागत या 4 लाख रुपये, जो भी कम हो, वित्तीय सहायता के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे।

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कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना कर रहे कृषि स्नातक ड्रोन और उससे जुड़े सामानों की मूल लागत का 50 प्रतिशत हासिल करने या ड्रोन खरीद के लिए 5 लाख रुपये तक अनुदान लेने के पात्र होंगे। ग्रामीण उद्यमियों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या उसके समान परीक्षा उत्तीर्ण होने चाहिए; और उनके पास नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा निर्दिष्ट संस्थान या किसी अधिकृत दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण संस्थान से दूरस्थ पायलट लाइसेंस होना चाहिए।

नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए) और नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) द्वारा सशर्त छूट सीमा के माध्यम से ड्रोन परिचालन की अनुमति दी जा रही है। एमओसीए ने भारत में ड्रोन के उपयोग और संचालन को विनियमित करने के लिए 25 अगस्त, 2021 को जीएसआर संख्या 589 (ई) के माध्यम से ‘ड्रोन नियम 2021’ प्रकाशित किए थे। कृषि मंत्रालय द्वारा  कृषि, वन, गैर फसल क्षेत्रों आदि में फसल संरक्षण के लिए उर्वरकों के साथ ड्रोन के उपयोग और मिट्टी तथा फसलों पर पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं(एसओपी) भी लाई गई हैं। प्रदर्शन करने वाले संस्थानों और ड्रोन के उपयोग के माध्यम से कृषि सेवाओं प्रोवाइडर  को इन नियमों का पालन करना होगा।

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