गन्ना किसानों के FRP और चीनी के MSP की समीक्षा करेगी केंद्र की समिति
पूर्व नीति आयोग सदस्य प्रो. रमेश चंद की अध्यक्षता में हुआ गठन, किसानों और चीनी उद्योग के हितों पर होगा मंथन
24 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: गन्ना किसानों के FRP और चीनी के MSP की समीक्षा करेगी केंद्र की समिति – गन्ना किसानों और चीनी उद्योग से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने पूर्व नीति आयोग सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। यह समिति गन्ना किसानों को मिलने वाले उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) और चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) से जुड़े विषयों की समीक्षा करेगी। समिति किसानों की मांगों, गन्ना उत्पादन की लागत और चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति का आकलन कर सरकार को व्यावहारिक सुझाव देगी।
सरकारी जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र और कर्नाटक के गन्ना किसान प्रतिनिधियों की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद समिति का गठन किया गया है। समिति को अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करनी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय सरकार द्वारा विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा।
किसानों और उद्योग के पक्ष को समझेगी समिति
समिति गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से किसानों और चीनी उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों के विचार जानेगी। इस प्रक्रिया में किसान प्रतिनिधियों, चीनी मिल संघों, राज्य सरकारों, कृषि विशेषज्ञों और संबंधित संस्थानों की भागीदारी हो सकती है। कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कृषि विश्वविद्यालयों के सुझावों को भी नीति निर्माण के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
इस समीक्षा का उद्देश्य गन्ने की खेती की लागत, किसानों की आय, चीनी उत्पादन की आर्थिक स्थिति और बाजार की परिस्थितियों का समग्र आकलन करना है, ताकि मूल्य निर्धारण से जुड़े फैसलों में विभिन्न पक्षों के हितों पर विचार किया जा सके।
FRP में बढ़ोतरी की मांग पर होगा विचार
गन्ना किसानों की प्रमुख मांगों में उचित एवं लाभकारी मूल्य में वृद्धि शामिल है। किसानों का तर्क है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। श्रम, सिंचाई, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि संबंधी खर्चों को देखते हुए गन्ने का बेहतर मूल्य मिलना जरूरी है।
FRP वह निर्धारित न्यूनतम मूल्य है, जिस पर चीनी मिलों को किसानों से गन्ना खरीदना होता है। केंद्र सरकार इसे कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों और संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के आधार पर तय करती है।
चीनी के MSP पर भी समीक्षा
गन्ने के मूल्य के साथ चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य की समीक्षा भी समिति के कार्यक्षेत्र में शामिल है। चीनी के MSP का संबंध चीनी मिलों की बिक्री से होने वाली आय से है। ऐसे में गन्ने की खरीद लागत, चीनी उत्पादन के खर्च और बाजार की परिस्थितियों के बीच संतुलन का प्रश्न महत्वपूर्ण हो जाता है।
समिति इन दोनों मूल्य व्यवस्थाओं के बीच आर्थिक संबंधों का अध्ययन कर सकती है। इसके निष्कर्षों से किसानों को मिलने वाले भुगतान और चीनी उद्योग की वित्तीय स्थिति से जुड़े नीतिगत निर्णयों को दिशा मिलने की संभावना है। समिति की सिफारिशें सामने आने और सरकार के स्तर पर उन पर विचार होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि FRP और चीनी के MSP में किसी बदलाव की आवश्यकता है या नहीं। फिलहाल इस पहल को गन्ना किसानों और चीनी उद्योग से जुड़े प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
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