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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का किया शुभारंभ, किसानों को दी ये 3 सलाह  

24 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का किया शुभारंभ, किसानों को दी ये 3 सलाह – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की सेहत बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करने तथा टिकाऊ खेती के तरीकों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने किसानों को मिट्टी की उर्वरता बचाने के लिए तीन प्रमुख उपाय अपनाने की सलाह दी।

शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK), कृषि संस्थानों और अन्य केंद्रों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का असंतुलित इस्तेमाल मिट्टी की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।

30 नवंबर तक गांव-गांव चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

केंद्रीय मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक, वैज्ञानिकों और अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कार्यालयों और प्रयोगशालाओं से बाहर निकलकर किसानों के बीच पहुंचें। इसके तहत 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक देशभर के गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती के महत्व की जानकारी दी जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेतों की सेहत की रक्षा करना जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध खेती की उत्पादकता और लोगों के स्वास्थ्य से है।

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किसानों को दी ये 3 सलाह

1. मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर डालें खाद

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति जानने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) का उपयोग करें। मिट्टी में जिस पोषक तत्व की कमी हो, उसी के अनुसार उर्वरकों का संतुलित मात्रा में इस्तेमाल करें। जरूरत से ज्यादा खाद डालने से बचें। उन्होंने कहा कि अधिक खाद डालने का मतलब अधिक उत्पादन होना नहीं है। अनावश्यक उर्वरक का इस्तेमाल किसानों की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

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2. फसल चक्र में शामिल करें दलहनी फसलें

केंद्रीय मंत्री ने किसानों को एक ही फसल चक्र को लगातार दोहराने के बजाय उसमें बदलाव करने की सलाह दी। उन्होंने धान और गेहूं के साथ चना, मसूर और अरहर जैसी दलहनी फसलों को शामिल करने पर जोर दिया। दलहनी फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करती हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और खेती से जुड़े जोखिम कम करने में सहायता मिल सकती है।

3. कम से कम आधे एकड़ में शुरू करें प्राकृतिक खेती

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की कि वे अपनी पूरी जमीन पर एक साथ प्राकृतिक खेती शुरू करने के बजाय कम से कम आधे एकड़ में इसकी शुरुआत करें। उन्होंने गाय के गोबर, गोमूत्र और पेड़ों के नीचे से एकत्र की गई मिट्टी का उपयोग करके बीजामृत और घन जीवामृत जैसे प्राकृतिक कृषि उत्पाद तैयार करने का सुझाव दिया। उनके अनुसार, प्राकृतिक खेती अपनाने से खेती की लागत कम करने, घरेलू उपयोग के लिए रसायन-मुक्त भोजन प्राप्त करने और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर जताई चिंता

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सब्सिडी दे रही है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि खाद का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार उर्वरकों पर 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दे रही है। इससे किसानों को यूरिया का एक बैग 266 रुपये और डीएपी का एक बैग 1,350 रुपये में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने किसानों से फसल सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने और रसायनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की।

फसल अवशेष न जलाएं किसान

शिवराज सिंह चौहान ने फसल अवशेष जलाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों, कीटों तथा केंचुओं को नुकसान पहुंचता है। ये जीव मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसानों को फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करना चाहिए और मिट्टी के प्राकृतिक सहयोगी जीवों का संरक्षण करना चाहिए।

हरियाणा को 28,422 पक्के मकानों की मंजूरी

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के पात्र गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 28,422 पक्के मकानों के निर्माण की मंजूरी का स्वीकृति पत्र भी हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा को सौंपा। इसके लिए 1,343.06 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम में ICAR के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. मांगी लाल जाट, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि) विजेंद्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इस अवसर पर ‘खेत बचाओ अभियान’ से संबंधित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मिट्टी की सेहत की रक्षा करने, रसायनों का संतुलित उपयोग करने, फसल चक्र अपनाने और फसल अवशेष न जलाने का संकल्प लिया।

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