गांधीनगर में संपन्न हुआ SOMS 2026, स्पेशलिटी फर्टिलाइजर क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता पर रहा जोर
06 जुलाई 2026, गांधीनगर: गांधीनगर में संपन्न हुआ SOMS 2026, स्पेशलिटी फर्टिलाइजर क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता पर रहा जोर – गांधीनगर, गुजरात। सॉल्यूबल फर्टिलाइजर इंडस्ट्री एसोसिएशन (SFIA) द्वारा आयोजित SOMS 2026 (स्पेशलिटी फर्टिलाइजर समिट एंड B2B एक्सपो 2026) गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी क्लब में संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर के स्पेशलिटी फर्टिलाइजर निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, कृषि-इनपुट कंपनियां तथा अन्य हितधारक शामिल हुए। सम्मेलन में भारत के स्पेशलिटी फर्टिलाइजर क्षेत्र के भविष्य, नवाचार और उद्योग की दिशा पर व्यापक चर्चा की गई।
“आत्मनिर्भर भारत की नींव” विषय पर आयोजित SOMS 2026 का मुख्य उद्देश्य घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करना, नवाचार को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा भारतीय कृषि के लिए टिकाऊ समाधान विकसित करना था।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए SFIA के अध्यक्ष श्री राजीब चक्रवर्ती ने कहा कि भारत का स्पेशलिटी फर्टिलाइजर क्षेत्र उर्वरक सब्सिडी में कमी, टिकाऊ कृषि और पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि SOMS 2026 ने निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान किया, जिससे अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा आयात प्रतिस्थापन की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि विजन 2047 के तहत आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उद्योग-आधारित अनुसंधान समय की आवश्यकता है।
सम्मेलन के दौरान उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर कई पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। “उर्वरक वितरण प्रणाली में समन्वय: अवसर, चुनौती या आवश्यकता?” विषय पर आयोजित सत्र का संचालन प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की वरिष्ठ सहायक संपादक लक्ष्मी देवी एरे ने किया। इस चर्चा में उर्वरक वितरण प्रणाली से जुड़े अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा “आत्मनिर्भरता के लिए फर्टिलाइजर स्टार्टअप और नवाचार: वास्तविकता या दिखावा?” विषय पर आयोजित सत्र का संचालन द इकोनॉमिक टाइम्स के विशेष संवाददाता आशीष पांडेय ने किया। इस सत्र में स्टार्टअप, नई तकनीकों और नवाचार की भूमिका पर चर्चा हुई कि वे भारत के फर्टिलाइजर उद्योग को किस प्रकार नई दिशा दे सकते हैं।
“स्पेशलिटी फर्टिलाइजर नीति का अतीत, वर्तमान और भविष्य: उद्योग का दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित सत्र का संचालन द हिंदू बिजनेसलाइनके सुब्रमणि रा मणिकोंबु ने किया। इस चर्चा में स्पेशलिटी फर्टिलाइजर नीति, नियामकीय चुनौतियों और उद्योग के भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण SOMS Thesis Showdown रहा, जिसमें विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं ने कृषि एवं स्पेशलिटी फर्टिलाइजर क्षेत्र से जुड़े नवाचारों और शोध-आधारित समाधानों को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. प्रांजीब चक्रवर्ती ने कहा कि नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने के लिए शोध संस्थानों और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है।
सम्मेलन के दौरान SOMS एग्री जर्नलिज्म अवॉर्ड्स 2026 के माध्यम से कृषि पत्रकारों के योगदान को भी सम्मानित किया गया। मराठी (प्रिंट एवं डिजिटल) श्रेणी में मंदार मधुसूदन मुंडाले को सम्मानित किया गया। हिंदी (ब्रॉडकास्ट एवं यूट्यूब) श्रेणी में न्यूज़ पोटली के अरविंद शुक्ला तथा हिंदी (प्रिंट एवं डिजिटल) श्रेणी में दैनिक भास्कर के जितेंद्र बूरा को पुरस्कार प्रदान किया गया।
कृषि पत्रकारिता और किसान जागरूकता में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ मीडिया पेशेवरों को भी विशेष सम्मान दिया गया। द हिंदू बिजनेसलाइन के सुब्रमणि रा मणिकोंबु, PTI की लक्ष्मी देवी एरे, द इकोनॉमिक टाइम्स की शंभवी आनंद तथा एग्रो स्पेक्ट्रम की सुचेताना चौधरीको विशेष सम्मान से नवाजा गया।
उद्योग प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और कृषि विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी के साथ SOMS 2026 ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग को बढ़ावा देने और स्पेशलिटी फर्टिलाइजर क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा। सम्मेलन ने भारत में नवाचार, टिकाऊ कृषि और आत्मनिर्भर कृषि तंत्र के निर्माण की दिशा में उद्योग की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
सम्मेलन के साथ आयोजित दो दिवसीय SOMS B2B एक्सपो 2026 को भी कृषि एवं उर्वरक उद्योग से व्यापक प्रतिसाद मिला। एक्सपो में 70 से अधिक प्रदर्शकों ने स्पेशलिटी फर्टिलाइजर क्षेत्र से जुड़े उन्नत समाधान, नवीन उत्पाद और नई तकनीकों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में 2,000 से अधिक आगंतुकों, जिनमें उद्योग प्रतिनिधि, किसान, शोधकर्ता, उद्यमी और अन्य हितधारक शामिल थे, ने भाग लिया। यह आयोजन व्यावसायिक नेटवर्किंग, ज्ञान के आदान-प्रदान और कृषि क्षेत्र में भविष्य के अवसरों की खोज के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

