बरसात में बकरियों में दिखें ये 3 संकेत, हो सकती है गंभीर बीमारी; समय रहते करें पहचान
03 जुलाई 2026, भोपाल: बरसात में बकरियों में दिखें ये 3 संकेत, हो सकती है गंभीर बीमारी; समय रहते करें पहचान – बरसात का मौसम बकरी पालन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान नमी और मौसम में बदलाव के कारण बकरियों में पेट के कीड़ों, आंतों के संक्रमण और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। कई बार बकरियां सामान्य से अधिक चारा, दाना और हरा चारा खाती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका वजन नहीं बढ़ता और वे धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में पशुपालकों को इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि समय रहते बीमारी के संकेत पहचानकर जरूरी कदम उठाने चाहिए।
खूब खाने के बाद भी नहीं बढ़ रही ग्रोथ? हो सकता है पेट में कीड़ों का असर
अगर बकरी या उसका बच्चा अच्छी तरह चारा और दाना खा रहा है, फिर भी उसका वजन नहीं बढ़ रहा, शरीर कमजोर होता जा रहा है या वह सुस्त दिखाई देने लगी है, तो यह पेट में कीड़ों की समस्या का संकेत हो सकता है। बरसात के मौसम में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है और समय पर ध्यान नहीं देने पर पशु की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।
1. आंखों का रंग बता सकता है बीमारी का हाल
बकरी की आंखें उसकी सेहत का महत्वपूर्ण संकेत देती हैं। स्वस्थ बकरी की आंखों की अंदरूनी परत लाल-गुलाबी और चमकदार दिखाई देती है।
यदि आंखों का रंग हल्का गुलाबी होने लगे, तो यह पेट में हिमोनकस (Haemonchus) जैसे परजीवी की मौजूदगी का संकेत हो सकता है। यह परजीवी बकरी का खून चूसता है, जिससे धीरे-धीरे शरीर में खून की कमी होने लगती है। अगर आंखें सफेद दिखाई देने लगें, तो यह एनीमिया यानी खून की गंभीर कमी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
2. मेंगनी से भी पहचानें बीमारी
बकरी की मेंगनी (मल) पर रोजाना नजर रखना भी जरूरी है। सामान्य स्थिति में बकरी की मेंगनी गोल, सख्त और चमकदार होती है।
अगर मेंगनी आपस में चिपकी हुई, गुच्छे जैसी या पेस्ट के रूप में आने लगे, तो यह आंतों के संक्रमण या डायरिया का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।
3. यूरिन का रंग भी देता है बीमारी का संकेत
बकरी के यूरिन का रंग भी उसकी सेहत के बारे में काफी कुछ बताता है।
- हल्का पीला या भूरे रंग का यूरिन सामान्य माना जाता है।
- यदि यूरिन गहरे पीले रंग का हो, तो यह शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का संकेत हो सकता है।
- गहरे पीले रंग के साथ लालपन दिखाई दे, तो यह चोट या अन्य समस्या का संकेत हो सकता है।
- अगर यूरिन का रंग कॉफी जैसा गहरा हो जाए, तो यह खून में संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बरसात में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बरसात के मौसम में बकरियों को हमेशा साफ और ताजा पीने का पानी उपलब्ध कराएं। उनके रहने की जगह को सूखा और साफ रखें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो। रोजाना उनकी खाने की आदत, चलने-फिरने के तरीके, आंखों, मेंगनी और यूरिन पर नजर रखें। किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
समय रहते बीमारी के शुरुआती संकेत पहचान लेने से बकरियों को गंभीर संक्रमण से बचाया जा सकता है। इससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
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