पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

सुअर पालन ने बदली आनंद एक्का की जिंदगी, 54 उन्नत नस्ल के सुअरों से कमा रहे अच्छा मुनाफा

24 जून 2026, रायपुर: सुअर पालन ने बदली आनंद एक्का की जिंदगी, 54 उन्नत नस्ल के सुअरों से कमा रहे अच्छा मुनाफा – सरकारी योजनाओं का सही लाभ और मेहनत का मजबूत संकल्प किसी भी व्यक्ति की जिंदगी बदल सकता है। इसका जीवंत उदाहरण छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के वनग्राम डंगनिया निवासी आनंद एक्का हैं। पशुपालन विभाग की सूकरत्रयी (सुअर पालन) योजना से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल भी कायम की है। आज सूकर पालन उनके परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।

सरकारी योजना से मिली नई शुरुआत

आनंद एक्का ने करीब दो वर्ष पहले पशुपालन विभाग की सूकरत्रयी योजना का लाभ प्राप्त किया था। योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्होंने व्यवस्थित तरीके से सूकर पालन का व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत भले ही सीमित स्तर पर हुई हो, लेकिन निरंतर मेहनत और बेहतर प्रबंधन के कारण उनका यह उद्यम तेजी से आगे बढ़ता गया।

54 उन्नत नस्ल के सूकरों तक पहुंचा व्यवसाय

आज आनंद एक्का के पास 54 उन्नत नस्ल के सूकर हैं। उन्होंने पशुओं की नियमित देखभाल, उचित पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। विभागीय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उन्हें आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी मिली, जिसका सीधा लाभ उनके व्यवसाय को मिला।

एक साल में मिला 85 हजार रुपये का शुद्ध लाभ

बेहतर प्रबंधन और योजनाबद्ध तरीके से किए गए सूकर पालन के कारण आनंद एक्का को गत वर्ष लगभग 85 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस अतिरिक्त आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब वे पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर पा रहे हैं।

आनंद एक्का बताते हैं कि सूकर पालन आज उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन गया है। इससे बच्चों की शिक्षा, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। नियमित आय मिलने से परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है।

अन्य ग्रामीणों को भी कर रहे प्रेरित

अपनी सफलता से उत्साहित आनंद एक्का अब गांव के अन्य लोगों को भी पशुपालन आधारित आजीविका अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर मेहनत और लगन से कार्य करें, तो वे भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।

आनंद एक्का ने पशुपालन विभाग द्वारा प्रदान की गई सहायता और समय-समय पर मिले तकनीकी मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकारी योजनाएं सही तरीके से लागू हों और लाभार्थी पूरी निष्ठा से काम करें, तो आत्मनिर्भर बनने का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है।

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