सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सोपा, भरतखंड एफपीओ और यूपीएल की संयुक्त पहल
कृषि विज्ञान केंद्र देवास में किसान प्रशिक्षण संपन्न
02 सितंबर 2026, देवास: सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सोपा, भरतखंड एफपीओ और यूपीएल की संयुक्त पहल – सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने, किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने और आधुनिक फसल प्रबंधन तकनीकों को खेत स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोपा , भारतखंड एफपीओ , कृषि विज्ञान केंद्र, देवास तथा यूपीएल के संयुक्त सहयोग से विशेष किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें सोपा के कार्यकारी निदेशक डॉ. डी.एन. पाठक , केवीके देवास के प्रमुख डॉ. आर.पी. शर्मा , सोलिडेरिडेड के वेजिटेबल ऑइल प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. सुरेश मोटवानी, भरतखंड एफपीओ के प्रतिनिधि, केविके के वैज्ञानिक तथा यूपीएल की ओर से सुश्री रूबी गुप्ता, क्रॉप एन्ड ब्रांड मैनेजर और श्री प्रशांत वानी ,एसबीयू हेड ,अन्य अधिकारी के अलावा इंदौर और उज्जैन जिलों के 250 से अधिक प्रगतिशील सोयाबीन किसानों ने भाग लिया, जिनमें 21 महिला किसान भी शामिल थीं।

बता दें कि सोपा एवं भारतखंड एफपीओ द्वारा किसानों के खेतों पर लगभग 250 सोयाबीन प्रदर्शन प्लॉट स्थापित किए गए हैं। उनका उद्देश्य किसानों को उन्नत सोयाबीन उत्पादन तकनीक, बेहतर फसल स्थापना, पोषण प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन की वैज्ञानिक पद्धतियों को प्रत्यक्ष रूप से समझने और अपनाने का अवसर देना है।
डॉ. आर.पी. शर्मा ने किसानों को सोयाबीन की उन्नत खेती एवं वैज्ञानिक फसल प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बेहतर फसल स्थापना, संतुलित पोषण, समय पर खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार कृषि कार्य करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से प्रदर्शन प्लॉट से प्राप्त जानकारी और अनुभव को अपने खेतों में अपनाने का आग्रह किया। वहीं डॉ. मोटवानी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों और बेहतर फसल प्रबंधन को अपनाकर किसान सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने के साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से प्रदर्शन के माध्यम से नई तकनीकों को समझने और उन्हें व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. डी.एन. पाठक ने कहा कि खेत स्तर पर लगाए गए प्रदर्शन किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और नई तकनीकों को पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे किसानों को नई तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखने, समझने और अपने खेतों में अपनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने यूपीएल को किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती कृषि समाधान उपलब्ध कराने वाली विश्वसनीय कंपनी बताया। साथ ही, किसानों तक असली और गुणवत्तापूर्ण फसल सुरक्षा उत्पाद पहुंचाने तथा बाजार में नकली उत्पादों से किसानों को बचाने के लिए भविष्य में UPL के साथ सहयोग की संभावनाओं पर रुचि व्यक्त की। उन्होंने सोयाबीन प्रसंस्करण इकाइयों और केविके नेटवर्क के माध्यम से महाराष्ट्र सहित अन्य क्षेत्रों में किसान संपर्क गतिविधियों को बढ़ाने में सहयोग की इच्छा भी जताई।
कार्यक्रम में यूपीएल की ओर से सुश्री रूबी गुप्ता तथा श्री प्रशांत वानी ने किसानों से संवाद करते हुए सोयाबीन की विभिन्न अवस्थाओं में फसल सुरक्षा, समय पर प्रबंधन और सही उत्पाद उपयोग की जानकारी साझा की। सुश्री गुप्ता ने कहा कि सोयाबीन की बेहतर उत्पादकता के लिए केवल किसी एक फसल अवस्था पर ध्यान देने के बजाय बीज से कटाई तक समग्र फसल प्रबंधन दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। उन्होंने यूपीएल के सोयाबीन फसल सुरक्षा पोर्टफोलियो में शामिल Electron, Iris, Centurion EZ और Argyle जैसे प्रमुख समाधानों के उपयोग और उनके लाभों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों से प्राप्त प्रतिक्रिया के अनुसार Electron, Iris और Centurion EZ ने सोयाबीन की खेती में प्रभावी और भरोसेमंद समाधान के रूप में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। वर्तमान फसल अवस्था को देखते हुए प्रतिकूल मौसम एवं अन्य अजैविक तनावों के प्रबंधन के लिए Macarena के उपयोग और उसके महत्व पर भी तकनीकी जानकारी साझा की गई। किसानों को बताया गया कि समय पर और निवारक फसल सुरक्षा उपाय अपनाकर फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है तथा बेहतर फसल स्वास्थ्य और उत्पादकता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में विशेष रूप से तीन प्रमुख संदेशों पर जोर दिया गया समय पर और निवारक फसल सुरक्षा उपाय अपनाना, नवीन एवं किफायती समाधानों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाना तथा जिम्मेदार फसल प्रबंधन के जरिए टिकाऊ सोयाबीन उत्पादन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया । कार्यक्रम के दौरान किसानों को Tridium फफूंदनाशी के नमूने भी वितरित किए गए, ताकि वे खेत स्तर पर इसके प्रदर्शन का अनुभव कर सकें। किसानों ने Electron, Iris और Centurion EZ के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक अनुभव साझा किए और इन्हें सोयाबीन की खेती के लिए उपयोगी एवं भरोसेमंद समाधान बताया। यूपीएल के उत्पादों और तकनीकी अनुशंसाओं की किसानों, केवीके के वैज्ञानिकों और एफपीओ प्रतिनिधियों ने सराहना की।
किसानों के साथ संवाद के दौरान Commelina जैसे कठिन खरपतवार की समस्या भी प्रमुख रूप से सामने आई। इस संदर्भ में किसानों को UPL के आगामी सोयाबीन पूर्व-अंकुरण खरपतवारनाशी Allura के बारे में जानकारी दी गई। इसे सोयाबीन में Commelina सहित प्रमुख खरपतवारों के प्रभावी प्रबंधन के लिए एक उन्नत समाधान के रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री धर्मेंद्र राजपूत ने भी अपने अनुभव साझा किए और कृषि के साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की इच्छा व्यक्त की और किसानों तथा संबंधित संस्थाओं से इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सोयाबीन की उत्पादकता, खरपतवार प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल स्वास्थ्य तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
सोपा, भारतखंड एफपीओ और यूपीएल का यह संयुक्त प्रयास किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक, बेहतर कृषि पद्धतियां और प्रभावी फसल प्रबंधन समाधान पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। खेत स्तर पर स्थापित 250 प्रदर्शन प्लॉट किसानों को नई तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन सुश्री नम्रिता भनवरिया द्वारा किया गया।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

