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राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ी सौगात: अब ड्रोन से होगा खाद और कीटनाशकों का छिड़काव, 5 समितियों में शुरू हुई सुविधा

22 जुलाई 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ी सौगात: अब ड्रोन से होगा खाद और कीटनाशकों का छिड़काव, 5 समितियों में शुरू हुई सुविधा – छत्तीसगढ़ में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की पांच प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सेवा की शुरुआत कर दी गई है। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में पूजा-अर्चना के साथ इस सुविधा का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने बारिश की हल्की फुहारों के बीच ड्रोन के जरिए खाद और कीटनाशकों के छिड़काव का सफल प्रदर्शन भी किया।

ड्रोन तकनीक से समय और लागत दोनों बचेंगे

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ड्रोन तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक छिड़काव किया जा सकेगा। इससे रसायनों का संतुलित उपयोग होगा, किसानों की लागत और मेहनत कम होगी तथा खेतों में बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे फसलों को नुकसान भी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी’ पहल से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को कौशल विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील

मंत्री वर्मा ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल का उत्पादन होता है।

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इन 5 समितियों में मिलेगी ड्रोन स्प्रेयर सुविधा

फिलहाल जिले की बलौदाबाजार, कसडोल, बया, गिर्रा (पलारी) और दामाखेड़ा (सिमगा) सहकारी समितियों में 11 ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। सहकारिता विभाग ने चालू वर्ष में ड्रोन के माध्यम से 50 हजार एकड़ क्षेत्र में छिड़काव का लक्ष्य रखा है।

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ड्रोन सेवा का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी संबंधित समिति में जाकर खेत का रकबा और छिड़काव की तिथि दर्ज करानी होगी। तय दिन ड्रोन पायलट मशीन के साथ खेत पर पहुंचेगा। किसान को केवल खाद या कीटनाशक उपलब्ध कराना होगा, जबकि सेवा के लिए प्रति एकड़ निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।

समितियां बनीं मिनी बैंक, कर्मचारियों और किसानों का सम्मान

कार्यक्रम में कलेक्टर ने बताया कि जिले की सभी सहकारी समितियां अब पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं और सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) तथा मिनी बैंक के रूप में भी काम कर रही हैं। यहां माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध है, जिससे किसानों को छोटी राशि निकालने के लिए बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

इस मौके पर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 समिति प्रबंधकों और 10 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही 9 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के चेक और 2 किसानों को लर्निंग लाइसेंस भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सहकारिता विभाग के अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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