फसल की खेती (Crop Cultivation)

कैसे शुरू करे डेरीफार्म का व्यवसाय

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लेखक: डॉ.संदीप नानावटी प्रोफ़ेसर एवं विभागाध्यक्ष, पशुपालन एवं प्रबंध विभाग, पशु चिकित्सा महाविद्यालय, महू

15 दिसम्बर 2023, महू: कैसे शुरू करे डेरीफार्म का व्यवसाय – डेयरी फार्म का कारोबार आम दूसरे कारोबार की तरह नहीं होता है. ये कारोबार सुनने में जितना सरल लगता है उतना सरल बिल्कुल नहीं है. अक्सर कहते है खुद के मरे बिना स्वर्ग नहीं मिलता , डेयरी फार्म को  सही तरह से चलाने में  भी खुद को ही बहुत  मेहनत करना पड़ती है , नौकरों के भरोसे ये काम संभव नहीं है .  आइये समझे ,इस कारोबार को शुरू करने में किन-किन चीजों का ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है. कैसे आप इस कारोबार को सही तरह से चला सकते है. लेकिन इन सबसे पहले आपको ये जानना जरूरी है कि इस व्यापार की हमारे देश में क्या स्थिति है और इसके जरिए आप कितना मुनाफा कमा सकते हैं.

देश में डेयरी फार्म की मांग और इससे जुड़ा मुनाफा 

साल 2022-23 के दौरान किए गए एक आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक दूध उत्पादन में भारत पहले स्थान पर है. भारत विश्व में होने वाले दूध उत्पादन 230.58 मिलियन टन. पंहुच गया है जिसका मतलब ये है कि इस व्यापार की मांग हमारे देश में काफी है. वहीं दूध एक ऐसा उत्पाद है जिसका निर्यात करके भी आप पैसे कमा सकते हैं. वहीं अभी हाल ही में भारत सरकार द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच  सालो में डेयरी पालको की आय में 22.77% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. इस बात से अनुमान लगाया जा सकता है कि इस व्यापार से ना केवल दूध की बल्कि इससे जुड़े किसानों की भी आय में अच्छी खासी वृद्धि हुई है. और हाँ, हाल ही में दुग्ध उत्पादन  में  उत्तरप्रदेश पहले नम्बर पर, राजस्थान दुसरे और मध्यप्रदेश तीसरे क्रम  पर दर्ज किया गया है.

स्थान का चयन करना

इस व्यापार को शुरू करने से पहले आप एक स्थान का चयन कर लें. जहां पर आपके द्वारा खरीदी गई भैंसों या गायों को रखा जाएगा. किसी भी प्रकार की डेयरी खोलने से पहले स्थान का चयन करना बेहद ही जरूरी होता है. उस स्थान पर पानी की कैसी सुविधा है, इसको अच्छे से पता कर लें. क्योंकि भैंसों या गायों द्वारा अच्छा खासा पानी पिया जाता है. इसलिए ऐसे ही स्थान का चयन करें, जहां पर आपको खुलकर पानी मिल सके. वहीं गर्मी के मौसम में भैंसों या गायों को हवा देने के लिए पंखे की भी जरुरत पड़ती है. जिसके लिए ये देख लें, कि वहां पर बिजली की सुविधा मौजूद हो.

एक या दो एकड़ जमीन पर ही अपनी डेयरी को खोलें. क्योंकि जितना खुला स्थान होगा आप उतने अच्छे से भैंसों या गायों को दिए जाने वाली खाने के सामान को रख सकेंगे.

भारत में भैंसों की प्रमुख नस्लें
  1. मुर्रा
  2. सुरती
  3. जाफराबादी
  4. मेहसाना
  5. भदावरी
  6. गोदावरी
  7. नागपुरी
  8. सांभलपुरी
भारत में दुधारू गायों की प्रमुख नस्लें
  1. गीर
  2. साहिवाल
  3. थारपारकर
  4. होल्सटीन के संकर पशु
  5. जरसी के संकर पशु
कई स्तर पर शुरू कर सकते हैं ये व्यापार 

इस व्यापार को आप छोटे, मध्यम और बड़े पैमाने पर भी शुरू कर सकते हैं. अगर आपके पास ज्यादा संख्या में भैंस या गाय खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, तो आप केवल चार भैंसों को रखकर भी ये व्यापार खोल सकते हैं. लेकिन ये याद रखें की जितना ज्यादा दूध आपको इन भैंसों से मिलेगा उतना ज्यादा ही आपका मुनाफा होगा. यानी अगर आप चार भैंसे रखते हैं, तो आपको मुनाफा तो होगा ही मगर ज्यादा नहीं. वहीं अगर इन भैंसो या गायों की संख्या बढ़ा दी जाती है, तो आपका लाभ भी बढ़ेगा. नीचे हमने आपको तीन स्तर पर डेयरी फॉर्म खोलने से जुड़ी कुछ जानकारी दे रखी है.

बड़े स्तर पर डेयरी फार्म 

इस तरह की डेयरी फार्म खोलने के लिए आपको 20  लाख रुपए तक लगाने पड़ सकते हैं. इस डेयरी में आपको कम से कम 20 भैंसों को रखना होगा. एक भेंस  की अनुमानित कीमत ७५,०००/-(परिवहन सहित )आ सकती है . भवन निर्माण पर एवं अन्य उपकरणों पर ५ लाख खर्च अनुमानित है. वहीं अगर आपको एक भैंस दिन का 8 लीटर दूध देती है, तो 20 भैंसों के हिसाब से आपको दिन का 160 लीटर दूध बेचने के लिए मिल जाएगा. वहीं आप इस दूध को अगर कम से कम  40 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बेचते हैं, तो आपको दिन की 6400  हजार रुपए की आय होगी. हालांकि इस आय  में निम्न खर्च शामिल है .

10 भैंसों से आमदनी
पोषण आहारमात्रादर प्रति किलो रु. मेंकुल
दाना5 kg24120/-
हरा चारा (खेत से)10 kg330/-
भूसा5 kg735/-
कर्मचारी/ ब्याज/ बीमा/ बिजली/ पानी/ इलाज/ व अन्य व्यय– एक दिवस का व्यय 130/-
कुल315/-

315 x 10 भैंसों पर एक दिन का खर्च = 3150/-

10 भैंसों से दूध विक्रय ( एक दिन की)

10 भैंस x 10 लीटर x 50 रु. = 5000

कुल आय = 5000 – 3150 = 1850/-

एक माह की आय 1850 x 30 दिन = 55,500/-

तीसरे – चोथे साल से मुनाफे की सीमा बढ़ना शुरू हो जाती है क्योंकि अपने फार्म पर जन्मी भैंसों से भी आमदनी शुरू हो सकती है |

मध्यम स्तर की डेयरी फार्म : इस तरह की डेयरी फार्म चलाने के लिए आपको 7 से 10 लाख रुपए तक की जरूरत पड़ेगी | वहीं आपको इस व्यापार को शुरू करने के लिए कम से कम 10 से 15  भैंसों या गायों की आवश्यकता पड़ेगी. वहीं आपके मुनाफे की बात करें, तो आपको इस लेवल के डेयरी फार्म को खोलने से करीबन 35 हज़ार तक का लाभ हो सकता है. वहीं अगर आप भैंसों या गायों की संख्या बढ़ा देते हैं तो आपका लाभ और बढ़ जाएगा.

छोटे स्तर के डेयरी फार्म

आप कम पैसों में भी डेयरी खोल सकते हैं. छोटे स्तर पर इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको पांच भैंसों या गायों की जरूरत पड़ेगी. वहीं इन भैंसों को लेते समय ये सुनिश्चित कर लें, कि ये अच्छी नस्ल की हों और एक दिन में कम से कम 10 लीटर दूध तो अवश्य दे. छोटे स्तर पर डेयरी खोल कर आपको महीने के 20 हजार रुपए तक का लाभ हो सकता है.

भारत सरकार द्वारा डेयरी फार्म के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की मदद की जा रही हैं. आप भैंस या गाय को सरकार द्वारा बनाए गए एक पोर्टल के जरिए खरीद सकते हैं. इस पोर्टल का लिंक इस प्रकार हैhttps://epashuhaat.com/India/e-pashudhan/ इस लिकं पर जाकर आपको कई नस्ल की भैंसों या गायों की जानकारी मिल जाएगी. इतनी ही नहीं आप चाहें तो इन्हें इस पोर्टल के जरिए खरीद या बेच भी सकते हैं. ऊपर बताए गए लिंक के अलावा आप एक अन्य लिंक पर भी जाकर भैंस को खरीद सकते हैं. ये लिंक इस प्रकार है

https://epashuhaat.com/India/e-pashudhan/ इस लिकं पर जाकर आपको कई नस्ल की भैंसों या गायों की जानकारी मिल जाएगी |

व्यापार करने का तरीका

इस व्यापार को करने के दो तरीके हैं. पहले तरीके के तहत आप दूध को किसी कंपनी,दुग्ध संघ  या दूध के बड़े  व्यापारी को  को बेच सकते हैं. ऐसे कई सारी कंपनियां हमारे देश में हैं, जो कि दूध वालों से रोजाना उनका दूध खरीदती हैं. या फिर दूध आप  घर घर खुली बंदी बाँध कर बेच सकते है. इसमें मुनाफा व मेहनत दोनों ज्यादा है .  वहीं अन्य  तरीके के तहत आप अपनी कंपनी खोलकर दूध को बाजार में सीधे तौर पर बेच सकते हैं. हालांकि अपनी कंपनी खोलने के लिए आपको थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी होगी. लेकिन एक बार आपकी कंपनी चलने लगेगी तो आपको लाभ भी अच्छा होगा. इतना नहीं कंपनी शुरू करके आप दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों को भी बेच सकते हैं. जैसे दही, पनीर, मक्खन इत्यादि जैसे उत्पाद. यदि आपके पास गाय का दूध है तो बंगाली मिठाई बनाने वालो को भी आप दूध बेच सकते है

संतुलित पशु आहार

पशु व्यवसाय में लाभ मुख्यतः तीन कारकों जैसे पशु की नस्ल, पशु प्रबंधन एवं पशु पोषण पर निर्भर करता है। पशुओं की विकास दर एवं उत्पादकता वृद्धि में पशु पोषण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उपयुक्त आहार यह सुनिश्चित करता है कि पशु अपना वांछित शारीरिक वजन पा ले, अधिक उत्पादन करे तथा स्वस्थ रहे। दुधारू पशुओं, मुर्गी पर होने वाले कुल खर्च में से 70 प्रतिशत भाग अकेले उसके आहार पर होता है, जिससे उसका महत्व और भी बढ़ जाता है। पशुपालकों के लिए आवश्यक है कि वह पशुओं के प्रतिदिन आहार की उचित व्यवस्था करें।

 हरा चारा न केवल पशु की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि यह दुग्ध उत्पादन की लागत को भी कम करता है। दूध देने वाले पशुओं को पोषण कि जरूरत तीन कारकों के लिए होती हैरू

1- शरीर की यथा स्थिति को बनाये रखने के लिए
2- दुग्ध उत्पादन की आवश्यकता को पूरी करने के लिए
3- गर्भावस्था के लिए

अतः पशु का आहार इन तीन जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाना चाहिएए जिससे पशु स्वस्थ्य रहे, अधिक उत्पादन दे तथा अगली पीढ़ी के लिए स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दे।
विभिन्न संस्थानों में किए गये अनुसंधानों के अनुसार पशुओं को संतुलित आहार खिलाने से पशु उत्पादन क्षमता में  30-35 प्रतिशत  तक की वृद्धि होती है।

पशुआहार खिलाने का गूढ़ नियम

1- गाय के 2.5 किलोग्राम दुग्ध उत्पादन पर 1 किग्रा दाना
2- भैसों के 2 किलोग्राम दुग्ध उत्पादन पर 1 किग्रा दाना।

यदि पशुपालन को वैज्ञानिक रीती नीतियों के आधार पर  किया जाए तो कोई कारण नहीं की हम श्वेत क्रांति को अपने घर के देहारीज तक ला पाए .

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