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फसल की खेती (Crop Cultivation)

चने की फसल में फली छेदक कीट का प्रबंधन ऐसे करें

22 नवम्बर 2023, भोपाल: चने की फसल में फली छेदक कीट का प्रबंधन ऐसे करें – क्षेत्र की स्वच्छता प्रतिरोधी किस्मों का उपयोग और माइक्रोबियल प्लांट ग्रोथ प्रमोटर, राइजोबियम, जैव-एजेंट और जैव कीटनाशकों का उपयोग जैसी प्रथाओं का पैकेज उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में चने के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए बेहतर आईपीएम रणनीतियाँ हैं।

चने की फसल में किसान फली बनने के चरण में कीटनाशक टी हार्ज़ियानम 10 मिली/किग्रा बीज और राइजोबियम+फेरोमोन ट्रैप @ 5/हेक्टेयर + बर्ड पर्चेस 20/हेक्टेयर + इंडोनीम 1500 पीपीएम @ 2.5 लीटर 250 लीटर/हेक्टेयर (फूल) में + फीडोनिल स्प्रे @ 2.0 लीटर 250 लीटर/ हेक्टेयर + क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 एससी (125 मिली/हेक्टेयर) से फली छेदक कीट पर प्रबंधन करें।

चने की फसल में जैव कीटनाशक एज़ाडिरेक्टिन (1500 पीपीएम), एचएएनपीवी एनबीएआईआर1@4 मिली/लीटर, महास्त्र 0.5% बीटी @ 4 ग्राम/लीटर, मेटारिज़ियम एनिसोप्लिए स्ट्रेन एनबीएआईआर मा4 @ 1x 108 कोनिडिया/जी @ 5 ग्राम/लीटर और बैसिलस थुरिंगिएन्सिस एनबीएआईआर बीटी जी4@20 मिली /लीटर के उपयोग से कम फली क्षति दर्ज की गई।

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