धान की नर्सरी में बकाने (Bakanae) रोग का प्रभावी प्रबंधन
कार्बेन्डाजिम + मैनकोजेब से करें नर्सरी की सुरक्षा
30 जुलाई 2026, नई दिल्ली: धान की नर्सरी में बकाने (Bakanae) रोग का प्रभावी प्रबंधन – धान की नर्सरी में बकाने (Bakanae) एक प्रमुख फफूंदजनित रोग है, जो पौधों की प्रारंभिक वृद्धि को प्रभावित करता है। इस रोग से संक्रमित पौधे सामान्य से अधिक लंबे, पतले और हल्के हरे रंग के दिखाई देते हैं। समय पर नियंत्रण नहीं होने पर पौधे कमजोर होकर सूख सकते हैं, जिससे खेत में पौधों की संख्या कम हो जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है।
बकाने रोग के प्रभावी प्रबंधन के लिए नर्सरी की मिट्टी में कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोजेब 63% डब्ल्यूपी (Saaf/Safe/Sarafa) का 1.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर अच्छी तरह ड्रेंचिंग (मिट्टी में सिंचाई) करें। यह उपचार रोगजनक फफूंद के प्रसार को रोकने और स्वस्थ पौध तैयार करने में सहायक होता है।
रोग के बेहतर नियंत्रण के लिए 7–10 दिनों के अंतराल पर इस उपचार को दोहराएं, विशेषकर यदि मौसम में अधिक नमी और तापमान रोग के अनुकूल हो।
इसके साथ ही किसानों को प्रमाणित एवं रोगमुक्त बीज का उपयोग करना चाहिए, नर्सरी में जल निकास की उचित व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। समय पर निगरानी और निवारक उपाय अपनाकर बकाने रोग से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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