धान में ब्राउन प्लांटहॉपर (BPH) प्रबंधन
03 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान में ब्राउन प्लांटहॉपर (BPH) प्रबंधन – ब्राउन प्लांटहॉपर पर नियमित निगरानी जरूरी
ब्राउन प्लांटहॉपर (BPH) धान की सबसे महत्वपूर्ण रस चूसने वाली कीटों में से एक है। इसका नियंत्रण तभी करना चाहिए जब इसकी संख्या आर्थिक क्षति स्तर (ETL) से अधिक हो।
ICAR-CRRI ने सलाह दी है कि किसान नियमित रूप से खेत का निरीक्षण करें और आवश्यकता होने पर ही नियंत्रण उपाय अपनाएं।
आर्थिक क्षति स्तर
जब प्रति पौधा 5–10 हॉपर दिखाई दें, तभी नियंत्रण उपाय अपनाएं।
पहले जल प्रबंधन अपनाएं
संस्थान ने ऑल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग (AWD) तकनीक अपनाने की सलाह दी है ताकि खेत में लंबे समय तक पानी जमा न रहे और BPH की वृद्धि कम हो।
आवश्यकता होने पर कीटनाशी का प्रयोग
यदि प्रकोप बना रहे तो अनुशंसित मात्रा में निम्न में से किसी एक कीटनाशी का प्रयोग करें—
- ट्राइफ्लूमेजोपाइरिम
- पाइमेट्रोजीन
- डाइनोटेफ्यूरान
- थायमेथोक्साम
- एथोफेनोप्रॉक्स
- एसीफेट
- फिप्रोनिल
साथ ही, BPH के प्रकोप के दौरान नाइट्रोजन उर्वरकों का प्रयोग न करने की सलाह दी गई है।
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