रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह
गेहूँ में चौथी सिंचाई फूल अवस्था पर करें, जो बुआई के 75 से 80 दिन में आती है। समय से बोये हुए गेहूं की फसल में पाँचवीं सिंचाई दूधिया अवस्था (बुआई के 90 से 95 दिन) पर सिंचाई करें। गेहूँ
समस्या – समाधान (Farming Solution) में विभिन्न फसलों के लिए किसानों की समस्याओं के जवाब, कृषि संबंधी समाधान, पौधों की सुरक्षा, बीज का चयन, बुआई और खेती कैसे करें शामिल हैं। समस्या – समाधान (Farming Solution) में बीज उपचार, खरपतवार नियंतरण, रोगोन और संक्रमण से सुरक्षा आदि भी शामिल हैं। इसमें कीट और रोग संलग्न, सिंचाई समस्या, मौसम संबंधी समस्याएं, मिट्टी जनित रोग संबंधी समस्याएं, बीज चयन, उर्वरक खुराक सुधार से संबंधित समस्याएं भी शामिल हैं। इसमें गेहूं, सोयाबीन, चना, धान, बासमती जैसी फसलें और आम, सेब, पपीता, अमरूद, बिंदी, भिंडी, टमाटर, प्याज, फूलगोभी, मटर, ड्रैगन फ्रूट, तोरी आदि फल और सब्जियां (बागवानी फसलें) शामिल हैं। इसमें कीटों और बीमारियों के लिए कृषि रसायनों की सही खुराक और उर्वरक अनुप्रयोग के लिए सही खुराक भी शामिल है।
गेहूँ में चौथी सिंचाई फूल अवस्था पर करें, जो बुआई के 75 से 80 दिन में आती है। समय से बोये हुए गेहूं की फसल में पाँचवीं सिंचाई दूधिया अवस्था (बुआई के 90 से 95 दिन) पर सिंचाई करें। गेहूँ
समाधान- आप कृषक जगत की नियमित पाठक हैं। जानकर बहुत प्रसन्नता हुई. कृषि में महिला की भागीदारी पर बहुत जोर दिया जाता है वैसे कृषि में महिलाओं की भागीदारी अतीत से चली आ रही है। विशेषकर बुआई में जो कार्य
समाधान– आप मशरूम की खेती करना चाहते हैं यह बात अनुकरणीय है वर्तमान में मशरूम की मांग बढ़ रही है इस कारण उत्पादन भी बढऩा चाहिए. कोई भी नया काम यदि करना हो तो उसका प्रशिक्षण लेना आवश्यक होगा क्योंकि
समाधान– अगेती फूलगोभी लगाने से अच्छी आमदनी संभव है। उसका रखरखाव निम्नानुसार करें और लाभ कमायें। खड़ी फसल में यूरिया की टाप ड्रेसिंग, निंदाई -गुड़ाई तथा सिंचाई के उपरांत करें। सिंचाई बराबर भूमि के प्रकार और आवश्यकता के अनुसार की
समाधान– आप पालक लगाना चाहते हैं यह समय पालक लगाने के लिये उपयुक्त है आप निम्न उपाय करें- सभी प्रकार की भूमि में पैदा किया जा सकता है। जातियों में पूसा भारती, पूसा हरिता, अलग्रीन, पूसा ज्योति तथा जोबनेर ग्रीन।
समाधान- आपका प्रश्न सामयिक तथा अनुकरणीय भी है। कृषकों को चाहिए कि खेत के कुछ भाग में मवेशियों के लिये पौष्टिक चारा लगायें। आप उपचार करें। इस माह लूर्सन लगाया जा सकता है। बीज की मात्रा 4-5 किलो/एकड़, कतार से
समाधान- आप मसाला फसल अजबाईन लगाना चाहते हैं खेती से अधिक लाभ कमाने के लिये कुछ नया करने की जरूरत है। आपके पड़ोस सुल्तानपुर में हल्दी की खेती बहुत की जाती रही है। आप निम्न तकनीक का पालन करें। भूमि
वर्तमान वर्षा के अभाव का असर अगस्त माह में अन्त तक प्रदेश के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा का अभाव है। वर्षा जल अभी तक खेतों के बाहर बहकर नहीं निकला है। सावन माह की झड़ी का तो
समाधान- असिंचित गेहूं की बुआई के तुरन्त बाद जैसे ही ‘पोईÓ बाहर आती है कतारों में कई जगह सूखी-सूखी पौध दिखाई देती है। जिसके दो-तीन कारण हो सकते हैं। एक तो दाना पर्याप्त नमी में नहीं डाला गया है, दूसरा
ईसबगोल एक नगदी औषधीय फसल है। ईसबगोल लिये ठंडा व शुष्क मौसम अनुकूल रहता है। अच्छे जल निकास वाली हल्की बालुई मिट्टी इसके लिए अधिक उपयुक्त रहती है। वैसे जल निकास की अच्छी व्यवस्था कर इसे उगाया जा सकता है।