नरवाई जलाने से बंजर हो रही खेतों की कोख
राज्य सरकार व कृषि विभाग के अधिकारियों की तमाम समझाइशों के बाद भी किसान इसे नजरअंदाज कर बड़ी नादानी कर रहे हैं। फलत: प्रकृति, पर्यावरण और जान-माल की क्षति के रूप में समाज को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही
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