फसल की खेती (Crop Cultivation)

फसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।

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फसल की खेती (Crop Cultivation)

गर्मी में लगायें मक्का

भूमि का चुनाव – मक्के की खेती ऐसी भूमि में की जानी चाहिए जिसका पी.एच.मान 6.0 से 7.0 तक हो। जल भराव मक्के की फसल के लिए बहुत हानिकारक होता है। सामान्यत: मक्का की खेती सभी प्रकार की मृदाओं, बालुई

फसल की खेती (Crop Cultivation)

सरसों की उन्नत किस्में लगाएं

शाजापुर| कृषि विज्ञान केन्द्र, शाजापुर द्वारा गत दिनों ग्राम डंगीचा में सरसों प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री शिवनारायण पाटीदार, अध्यक्ष,जिला सहकारी बैक शाजापुर रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गोवर्धन पाटीदार, सहकारी समिति मोहन

फसल की खेती (Crop Cultivation)

भण्डारण गृह को हानि पहुंचाने वाले कीटों का नियंत्रण

भण्डारण के समय उपज का लगभग 30 प्रतिशत भाग (21.13 लाख मिट्रिक टन) खाद्य पदार्थ नष्ट हो जाता है। अन्न को मुख्यत: चूहों, कीटों, माइट्स (अष्टपादी), सूक्ष्म जीवों एवं सीलन द्वारा क्षति होती है। सम्पूर्ण क्षति का अनुमानत: 60 प्रतिशत

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उद्यानिकी (Horticulture)फसल की खेती (Crop Cultivation)

उर्वरक प्रबंधन – फलदार पौधों में खाद कब डालें ?

आजकल फलदार पौधों के उत्पादन पर इनके ऊर्जादायक एवं औषधीय प्रभाव वाले गुणों पर अधिक ध्यान है। फल विटामिन, प्रोटीन एवं अन्य पोषक तत्वों के सर्वोत्तम श्रोत होते हैं। फलों के बेहतर उत्पादन के लिए पौधों में पर्याप्त मात्रा में

फसल की खेती (Crop Cultivation)

अफीम की खेती के बारे में विस्तार से तकनीकी एवं बीज कहां मिलेगा बतलायें।

समाधान- अफीम एक औषधि फसल है जिसे आम कृषक नहीं लगा सकता है इसके लिये केन्द्रीय शासन के आबकारी विभाग से लायसेंस लेना अनिवार्य होता है। यह बात आपने पूर्व में प्रकाशित अफीम उत्पादन तकनीकी पर प्रकाशित लेख में पढ़ी

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फसल की खेती (Crop Cultivation)

एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन आगया, आलू बुवाई का समय

आलू के लिए ठंडी जलवायु एवं कम तापमान की आवश्यकता होती है आलू एक नगदी फसल है जिसे क्षेत्र, उत्पादन एवं आर्थिक महत्व की दृष्टि से मुख्य खाद्यान्न फसलों में तीसरा स्थान प्राप्त है। अधिक उपज प्राप्त करने हेतु आलू

फसल की खेती (Crop Cultivation)

बेमौसमी मटर उगायें, आय बढ़ायें

खेत की तैयारीमटर की अच्छी उपज के लिये बलुई दोमट व दोमट मिट्टी सर्वोत्तम होती है तथा खेत में जल निकास का उचित प्रबंध होना चाहिये। मिट्टी का पी.एच.मान 6-7 के बीच होना चाहिये। खेत की पहली जुताई मिट्टी पलटडने

फसल की खेती (Crop Cultivation)

अश्वगंधा की खेती से लाभ कमायें

भूमि इसकी खेती के लिये बलुई दोमट से हल्की रेतीली भूमि जिसका पी.एच. 7 से 8 हो तथा जल निकास की पर्याप्त व्यवस्था हो, उपयुक्त रहती है। निम्न भूमि में भी अश्वगंधा की खेती से संतोषजनक उपज ली जा सकती

फसल की खेती (Crop Cultivation)

ग्वारपाठा के रोग एवं निदान

गोलाकार धब्बे लक्षण – यह एलोवेरा का एक गंभीर रोग हैं। गोलाकार धब्बे पौधे के पत्तों पर प्रमुख होते हैं। यह बीमारी पहली बार हचिोजिमा और चिचिजिना, टोक्यो के समुद्री टापुओं पर पाई गए थी। धब्बों के ऊपर हेमटोनेक्टेरिआ हेमटोकोका

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