जैविक खेती के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी

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जबलपुर। ”विश्व में भारत सब्जी उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। भारत में 16.10 करोड़ टन से भी अधिक सब्जियों का उत्पादन होता है। भारत में फूलगोभी के उत्पादन के लिए विश्व में सबसे आगे है। प्याज में हमारा विश्व में दूसरा स्थान तथा बंदगोभी में तीसरा स्थान है। अगर खेत में रसायनिक खाद की बजाय जीवाणु खाद एवं जैविक खाद डाली जाए तो सोने पे सुहागे वाली कहावत सिद्ध होगी। तदाशय के उदगार कुलपति प्रो. विजय सिंह तोमर ने अध्यक्षीय उद्बोधन में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में सी. एण्ड ए. फाउंडेशन स्विट्जरलैंड, आशा एवं जनेकृविवि के संयुक्त तत्वाधान में जैविक खेती पर 90 दिवसीय सर्टीफिकेट कोर्स का शुभारंभ करते हुये व्यक्त किये।
मुख्य आतिथ्य सी. एण्ड ए. फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रबंधक कु. इपशिता सिन्हा ने कहा कि देश में जैविक उत्पाद की मांग को देखते हुए किसानों में जैविक खेती के प्रति रूझान बढ़ रहा है। अत: कृषि विश्वविद्यालय, सी एण्ड ए. फाउंडेशन एवं आशा के संयुक्त प्रयास से 90 दिवसीय सर्टीफिकेट कार्स तैयार किया गया है जिसका आगाज से विश्वविद्यालय के अनुभवशील इकाई में किया गया है। संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. एस.के. राव ने बताया कि भारत में यह अपनी तरह का पहला और अनूठा कोर्स है। इस दौरान अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. पी.के. मिश्रा, संचालक विस्तार सेवायें डॉ. पी.के. बिसेन, समन्वयक श्री सोमनाथ राय, डॉ. गिरीश झा, डॉ. के.के. अग्रवाल आदि ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सह-संचालक डॉ. एस.बी. नहातकर एवं आभार सस्य विज्ञान विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एम.एल. केवट ने किया।

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