राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश के 6 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी

20 अगस्त 2026, इंदौरमध्यप्रदेश के 6 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24  घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के  रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में  अधिकांश स्थानों  पर; भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल संभागों के जिलों में  कुछ स्थानों  पर; इंदौर,  उज्जैन , ग्वालियर  संभागों के जिलों में  कहीं -कहीं; वर्षा दर्ज़ की गई।  1 जून से 20  अगस्त तक  दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में -11 % कम वर्षा हुई। पूर्वी मप्र में औसत से -11  % तथा पश्चिमी मप्र में औसत से -12  % कम वर्षा हुई।

वर्षा के प्रमुख आंकड़े – मप्र में सर्वाधिक वर्षा  अति भारी  वर्षा  पूर्वी मप्र के रीवा में 187.4  मिमी दर्ज़ की गई।  इसके अलावा  डिंडोरी में  146.2,   गौरीहार  142.0,  रामपुर  130.0,  गुढ़  120.0,  रायपुर  कर्चुलियान   120.0,  त्योंथर  120.0  और  जयसिंह नगर  में 116.0 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई। जबकि लवकुशनगर  110.0,  नईगढ़ी  110.0,  मनगवां 110.0,  बजाग  107.0,  रामपुर बाघेलान  106.4,  रीवा-हुजूर  105.0,  सीढ़ी   105.0,  नारायणगंज  103.5,  मवई  100.4,   बिजाडंडी    97.4,   बीरसिंहपुर  95.4,  समनापुर 93.2,  मोहगांव  91.3,   सेमरिया  85.0,  पलेरा  85.0,  बड़वारा  82.6,  अजयगढ़  82.4,  निवास   77.7,  मझौली  73.0,  मेहंदवानी  72.4,  अमरपुर  72.2,  विजय राघवगढ़ 71.0,  सिरमौर  70.0,  चंदिया   67.6,  लहार  67.0,  कुंडम  67.0,  अमरकंटक  66.8, बिलासपुर 66.2,  बिछिया   65.2,  और घुघरी में  65.0 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।

मौसमी गतिविधियां –  निम्न  दबाव का क्षेत्र  , उत्तर – पूर्व  मध्यप्रदेश और संलग्न   दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश  तथा  उत्तर-पश्चिम   छत्तीसगढ़  पर  स्थित है  इससे जुड़ा  चक्रवाती परिसंचरण  मध्य समुद्र  तल से 7.6 किमी  की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मानसून ट्रफ ( द्रोणिका )  अब अमृतसर, नजीबाबाद, फतेहगढ़, हरदोई, उत्तर -पूर्व  मध्यप्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्र पर स्थित  निम्न  दबाव के केंद्र  , दीघा और वहां से  दक्षिण -पूर्व  की ओर  उत्तर- पूर्व  बंगाल की खाड़ी तक गुजरती है। एक नया  पश्चिमी विक्षोभ ,  चक्रवाती परिसंचरण के रूप में   उत्तर पाकिस्तान  और  संलग्न जम्मू  संभाग के ऊपर स्थित है।  उत्तर हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्र  के ऊपर बना ऊपरी हवा का  चक्रवाती   परिसंचरण  अब  उत्तर-पश्चिम   उत्तर प्रदेश  और उसके आसपास के  क्षेत्र के ऊपर  स्थित है तथा  मध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई तक फैला  हुआ है।

पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने सतना,  पन्ना , दमोह, सागर, छतरपुर और  टीकमगढ़ जिलों में कहीं -कहीं अति भारी वर्षा होने की चेतावनी देकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि  विदिशा , रायसेन, अशोकनगर, दतिया , भिंड , रीवा, डिंडोरी , कटनी,  नरसिंहपुर , छिंदवाड़ा बालाघाट, निवाड़ी और  मैहर जिलों में कहीं -कहीं भारी होने का येलो अलर्ट जारी किया है।  इन जिलों में झंझावात /वज्रपात और झोंकेदार हवाएं  ( 30 -40  किमी / घंटा )चलने का अनुमान है। राज्य के शेष जिलों में कहीं -कहीं , कुछ स्थानों / अनेक स्थानों / अधिकांश स्थानों पर वर्षा होगी या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

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