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राज्य कृषि समाचार (State News)

केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, में “श्रीअन्न प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन पर प्रशिक्षण

22 फरवरी 2024, भोपाल: केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, में “श्रीअन्न प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन पर प्रशिक्षण – केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल मे खाद्य प्रसंस्करण में उन्नत संकाय प्रशिक्षण केंद्र के तत्वाधान में  ” श्रीअन्न के मशीनीकृत उत्पादन, प्रसंस्करण और उनके उप-उत्पादों के मूल्य संवर्धन के माध्यम से उद्यमिता विकास” विषय पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 22 फ़रवरी, 2024 को संपन्न हुवा। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी ने अगले 10 दिनों में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम और संबंधित गतिविधियों का विवरण देते  हुए सभी का स्वागत किया। उन्होंने श्रीअन्न उत्पादों के पोषण और स्वास्थ्य पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी। केफ्ट निदेशक डॉ. सुकदेव मंगराज ने वर्तमान परिदृश्य में श्रीअन्न उत्पादन और प्रसंस्करण में उपयोग होने वाले संस्थान मे विकसित मशीनों के बारे मे बताया तथा श्रीअन्न का उद्यमिता बढ़ाने मे सहभागिता पर भी जोर दिया। उन्होंने श्रीअन्न आधारित केन्द्रीय कृषि अभियांत्रकी संस्थान, भोपाल द्वारा विकसित कई प्रक्रियाओं, प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के बारे में जानकारीभी दी। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के विभिन्न संस्थानों से आये 18 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों के बीच श्रीअन्न के खेत पर प्रसंस्करण, श्रीअन्न उत्पादन के लिए बेहतर मशीनीकरण, श्रीअन्न में मूल्यवर्धन के लिए प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और भोजन और न्यूट्रास्युटिकल अनुप्रयोगों के लिए उप-उत्पाद का उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

डॉ. आई.एम.मिश्रा, माननीय कुलपति, वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ, परभणी इस प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि तथा डॉ. एन.के.त्यागी, पूर्व सदस्य, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली विशिष्ट अतिथि के रूप मे सम्मिलित हुवे। डॉ. आई.एम.मिश्रा ने मिलेट उत्पादन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमिता की क्षमता को बढ़ावा देने पे जोर दिया। डॉ. एन.के.त्यागी ने भोजन की बर्बादी का दूरगामी आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डाला । संस्थान के निदेशक डॉ. सी. आर. मेहता ने बताया की मशीनीकृत उत्पादन, उन्नत प्रसंस्करण तकनीकों, और मूल्य संवर्धन रणनीतियों के उपयोग से श्री अन्न और उसके उप-उत्पाद उद्यमियों के लिए सहायक हो सकता है। डॉ. राहुल पोतदार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम मे शामिल विषय बस्तु के बारे मे बताया।समन्वयक डॉ. अजय यादव ने आभार व्यक्त किया।

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