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राज्य कृषि समाचार (State News)सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

सरकारी योजना का कमाल! 10 लाख के लोन से शुरू की डेयरी, अब 75 हजार रुपये हर महीना हो रही कमाई

25 जुलाई 2026, भोपाल: सरकारी योजना का कमाल! 10 लाख के लोन से शुरू की डेयरी, अब 75 हजार रुपये हर महीना हो रही कमाई – सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाकर ग्रामीण युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ बेहतर आय भी अर्जित कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के मझौली विकासखंड के रानीताल कटाव गांव के 25 वर्षीय रोबिन्स झारिया हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना के तहत 10 लाख रुपये का बैंक ऋण लेकर डेयरी व्यवसाय शुरू किया और आज हर महीने 60 से 75 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

10 लाख के ऋण से खड़ी की आधुनिक डेयरी यूनिट

करीब एक वर्ष पहले रोबिन्स झारिया ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मझौली शाखा के माध्यम से योजना का लाभ उठाते हुए 10 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने 10 गिर नस्ल की दुधारू गायें खरीदीं, आधुनिक डेयरी शेड का निर्माण कराया और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी यूनिट स्थापित की। आज उनकी डेयरी सुव्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही है और आसपास के किसान भी इसे देखने पहुंच रहे हैं।

रोज 50 से 60 लीटर दूध की बिक्री

रोबिन्स के साथ सुजीत झारिया, सौरभ कोष्टा और अनुज कोष्टा भी डेयरी संचालन में सहयोग करते हैं। डेयरी से प्रतिदिन 50 से 60 लीटर दूध का उत्पादन और बिक्री हो रही है। इससे उन्हें रोजाना लगभग 2,000 से 2,500 रुपये की आमदनी होती है। इसी आधार पर उनकी मासिक आय 60 हजार से 75 हजार रुपये तक पहुंच गई है।

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33 फीसदी सब्सिडी से कम हुआ आर्थिक बोझ

आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना के तहत रोबिन्स को बैंक ऋण के साथ 33 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ भी मिला। उन्हें बैंक की लगभग 13 हजार रुपये मासिक किस्त चुकानी होती है। डेयरी संचालन में होने वाले कुल खर्च का लगभग आधा हिस्सा पशुओं के चारे और देखभाल पर खर्च होता है। हालांकि उनके पास पर्याप्त कृषि भूमि होने के कारण हरे चारे की व्यवस्था स्वयं के खेतों से हो जाती है, जिससे उत्पादन लागत कम रहती है और मुनाफा बढ़ जाता है।

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पशु चिकित्सालय से मिली जानकारी, बदल गई जिंदगी

रोबिन्स बताते हैं कि उन्हें इस योजना की जानकारी स्थानीय पशु चिकित्सालय से मिली थी। अधिकारियों के मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग से उन्होंने डेयरी व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि जिस सफलता की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी, वह आज इस योजना की बदौलत हासिल हुई है। इसके लिए उन्होंने मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग और बैंक का आभार व्यक्त किया।

क्या है आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना?

मध्यप्रदेश सरकार की यह योजना डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों व पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके तहत डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पात्र हितग्राहियों को 33 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 2 लाख रुपये) और बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान (अधिकतम 25 हजार रुपये प्रतिवर्ष) सात वर्षों तक दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का निवासी होना तथा पशुपालन के लिए पर्याप्त कृषि भूमि होना आवश्यक है।

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