भारतीय किसान संघ पांढुर्ना ने समस्याओं को लेकर तीन ज्ञापन सौंपे
16 सितंबर 2026, पांढुर्ना: भारतीय किसान संघ पांढुर्ना ने समस्याओं को लेकर तीन ज्ञापन सौंपे – भारतीय किसान संघ, पांढुर्ना ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम पृथक -पृथक तीन ज्ञापन नायब तहसीलदार श्री रेवाराम झरिया को सौंपे । ज्ञापनों में प्रधानमंत्री को 17 सूत्रीय ,मुख्यमंत्री को 46 सूत्रीय तथा कलेक्टर को 50 सूत्रीय मांगों का उल्लेख कर उनका शीघ्र समाधान चाहा गया है।
उल्लेखनीय है कि दिए गए ज्ञापनों में भुली जलाशय में सभी ग्राम को मोरडोंगरी गाईड लाईन के हिसाब से मुआवजा देने ,डूब प्रभावित किसानों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने ,कवच योजना में डिफाल्टर किसानों को भी शामिल करने ,उद्यानिकी की संतरा , मोसम्बी , गोभी , मिर्च , टमाटर आदि फसलों का बीमा करने , सभी फसलों की सरकारी खरीदी करने , प्रधानमंत्री बीमा योजना में दावा राशि भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित कर पुनः फसल कटाई प्रयोग आरम्भ करने , सेटेलाइट सर्वे की असफलता को देखते हुए नेत्राकंन सर्वे पुनः शुरू करने कृषि आदानों में गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर दोषियों पर सजा का प्रावधान होने , कृषि यंत्रों पर अनुदान का कोटा बढ़ाने , किसान सम्मान निधि 10 हज़ार करने , जैविक किसानों को भी सब्सिडी देने , प्रधानमंत्री कृषि औषधि केंद्र बनाने ,जीएम फसलों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं देने , कृषि उत्पादों की आयात -निर्यात नीति कृषि हितैषी बनाने ,कृषि आदानों एवं कृषि यंत्रों पर जीएसटी की दर न्यूनतम रखने , गत बजट के प्रावधान अनुसार किसानों का केसीसी लोन 5 लाख तक करने के अलावा सिंचाई एवं बिजली संबंधी विभिन्न समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया गया।
ज्ञापन सौंपते समय भाकिसं के जिला मंत्री श्री नीरज दुबे ,तहसील अध्यक्ष श्री प्रदीप खवसे , तहसील मंत्री श्री रविशंकर गोरे, श्री रुपेश कासलीकर , श्री उमेश खोड़े, श्री रोशन कलंबे, श्री प्रकाश देशमुख ,श्री रवि हिवरे , श्री देवीदास राऊत, श्री दिलीप घागरे सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

