शाजापुर: विपरीत परिस्थिति में कृषकों के लिए उपयोगी सलाह
17 जुलाई 2026, शाजापुर: शाजापुर: विपरीत परिस्थिति में कृषकों के लिए उपयोगी सलाह – वर्तमान परिस्थिति में किसान भाई खरीफ की बोनी कर चुके हैं ,लेकिन पानी की लंबी खींच के कारण सोयाबीन फसल में पानी की कमी महसूस हो रही है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों डॉ.एस.एस.धाकड, डॉ. गायत्री रावल डॉ. डी.के.तिवारी एवं डॉ.मुकेश सिंह ने खेतों पर भ्रमण के बाद किसान भाइयों को ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए कुछ उपयोगी सलाह दी है।
1. कुएं या अन्य की सिंचाई का साधन उपलब्ध होने पर हल्की सिंचाई मिनी स्प्रिंकलर से करें।
2. कृषक भाई वर्षा जल को रिचार्ज करने हेतु कुआं रिचार्ज, नलकूप रिचार्ज या खेत में जल निकास नाली के जल वर्षा जल बहाव की दिशा में भूजल संवर्धन संरचना बनाए जिससे वर्षा जल रिचार्ज हो सकें।
3. सोयाबीन 15 दिनों से ज्यादा की हो चुकी है ऐसे किसान भाई खेतों में ट्रैक्टर चालित/बैल चालित /हस्त चालित डोरा चलाकर नमी संरक्षित करें।
4. वर्तमान समय को देखते हुए सोयाबीन की फसल में तना मक्खी कीट लगने की आशंका है इसके नियंत्रण हेतु खेतों की निगरानी रखे और तना मक्खी का प्रकोप होने पर इमिडाक्लोप्रिड दवा 125 एम् एल/हेक्टर या थायो मेथोक्साम दवा 350 एम् एल/हेक्टर 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
5. खरपतवारनाशी एवं कीटनाशी को साथ में मिलाकर छिड़काव बिल्कुल न करें।
6. बौवनी के 15-20 दिन बाद खेतो में पर्याप्त नमी होने पर खरपतवारनाशी का छिड़काव कर सकते हैं।
7. खरपतवारनाशी का प्रयोग कट नोजल/फ्लेटपेन नोजल एवं कीटनाशी का कोन नोजल से छिड़काव हेतु प्रयोग करें।
8. दवा छिड़कते समय बीडी /जर्दा या अन्य वस्तुएं न खाएं ।
9. खरपतवारनाशी एवं कीटनाशक दवा खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें।
10. दवा छिड़कते समय स्प्रेयर को पानी से धोकर अच्छी तरह साफ करें।
11. दवा का छिड़काव हमेशा हवा की दिशा में ही करें, ताकि दवा की बूंदे शरीर पर न पड़े।
12. दवा छिड़कते समय हाथ में दस्ताने, आँख पर चश्मा पहने एवं नाक को कपड़े से ढंककर रखें।
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