राज्य कृषि समाचार (State News)

बुरहानपुर जिले के किसानों को 41 करोड़ 85 लाख की राहत राशि अंतरित

03 जुलाई 2023, बुरहानपुरबुरहानपुर जिले के किसानों को 41 करोड़ 85 लाख की राहत राशि अंतरित – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने  गत दिनों बुरहानपुर जिले के केला उत्पादक किसानों को फसल क्षति पर राशि प्रदान की।  बुरहानपुर में हुए कार्यक्रम में वर्चुअली कहा कि जिले में इस वर्ष अप्रैल-मई और जून माह में हुई फसलों की क्षति के लिए प्रभावितों को यह राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से 4261 किसान को 41 करोड़ 85 लाख रूपये की फसल क्षतिपूर्ति राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। प्रभावित फसलों का रकबा 3690  हेक्टेयर था। इसमें से प्रभावित केला फसल का क्षेत्र 3470 हेक्टेयर एवं अन्य फसल का क्षेत्र 219 हेक्टेयर है। केला फसल उत्पादक 3960 किसान है और अन्य फसलों के उत्पादक किसान 301 है।

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 उल्लेखनीय है कि  मध्यप्रदेश में बुरहानपुर जिला केला उत्पादन में अग्रणी जिला है, जिसमें 18 हजार 840 किसानों  द्वारा 23 हजार 639 हेक्टेयर में केला फसल की खेती की जाती है।  जिले में केले का कुल उत्पादन लगभग 16 लाख 54 हजार 730 मीट्रिक टन है।बुरहानपुर का केला विश्व के कई देशों को निर्यात किया जाता है। राज्य सरकार ने केला उत्पादक किसानों को फसल खराब होने के संकट से मुक्ति दिलवाकर आर्थिक राहत दी है। ‘एक जिला – एक उत्पाद ‘में भी बुरहानपुर जिले में केला उत्पादन  का चयन किया गया है। देश के प्रांतों के साथ ही अन्य देशों में भी बुरहानपुर का केला जाता है। यहाँ अनेक केला चिप्स इकाइयाँ और केला पकाने के लिए राईपनिंग चेंपर स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए सरकार ने कई मापदंड बदले हैं। राजस्व पुस्तक परिपत्र में समय-समय पर ऐसे परिवर्तन किए गए हैं, जिससे किसानों को लाभ मिला है।केले के फसल की क्षति प्रतिपूर्ति की दर दोगुनी कर दी गई है। इस महत्वूर्ण संशोधन के अनुसार अब किसान को केले की फसलों की 25 से 33 प्रतिशत क्षति होने पर राहत राशि 15 हजार से बढ़ा कर 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर दी जाएगी। इसी तरह 33 से 50 प्रतिशत क्षति होने पर 27 हजार से बढ़ा कर 54 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि दी जाएगी। यदि 50 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है तो मिलने वाली राहत राशि एक लाख के स्थान पर 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में किसानों को फसल क्षति पर अधिकतम राशि देने का प्रावधान भी परिवर्तित किया गया है। पूर्व में अधिकतम राशि 3 लाख रूपये तक दी जाती थी, जो अब अधिकतम 6 लाख रूपये तक दी जा सकेगी। राज्य सरकार ने संकट के समय किसानों को पर्याप्त सहायता देने का कार्य किया है।  ऐसे संकट के समय किसानों को दी गई मदद इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि अनेक किसानों का बीमा नहीं था। किसानों के कल्याण के लिए सरकार ने कई कदम उठाएं हैं। सरकार ने राहत की दरें भी बढ़ाई है।

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