रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक कृषि के उत्तरोत्तर उन्नति में मील का पत्थर : डॉ. शुक्ला

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6 सितम्बर 2022, जबलपुर  रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक कृषि के उत्तरोत्तर उन्नति में मील का पत्थर : डॉ. शुक्ला – जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में कृषि अभियांत्रिकी  महाविद्यालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (नाहेप) के तहत 14वीं 21 दिवसीय प्रशिक्षण ‘सुंदर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना यंत्र का कृषि में अनुप्रयोग’ विषय पर 31 अगस्त से 20 सितम्बर 2022 तक आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन की सद्प्रेरणा एवं सतत् मार्गदर्शन में यह 14वीं 21 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ संचालक शिक्षण एवं प्रभारी अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. अभिषेक शुक्ला के मुख्यातिथ्य में हुआ।

इस दौरान डॉ. शुक्ला ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बढ़ती डिजिटल तकनीक के साथ अपनी गति बनाये रखें। पिछले कुछ वर्षों से रिमोट सेंसिंग और जीआईएस डिजिटलाइजेशन, निगरानी, प्रबंध और कृषि में संभावित विकास के क्षेत्रों में नये-नये नवाचार के रास्ते तेजी से बढ़े हैं। रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक एजेंसियों को प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं की विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। वर्तमान समय में हमारे कृषक इस तकनीक का उपयोग कर कृषि में बेहतर सुधार कर रहे हैं। जो कृषि के उत्तरोत्तर विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

इस अवसर पर उप लेखानियंत्रक डॉ. अजय खरे, विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. पांडे, डॉ. ए. के. बाजपेयी, विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन सिंह, डॉ. ए. के. राय, सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. शेखर सिंह बघेल सहित अन्य वैज्ञानिकों की उपस्थिति रही।

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