जैविक खेती में सफलता अर्जित करते रजनैश
25 अक्टूबर 2026, जबलपुर (कृषक जगत): जैविक खेती में सफलता अर्जित करते रजनैश – खेती में बढ़ते रासायनिक आदानों के दुष्प्रभाव से सभी चिंतित है। जिले के शहपुरा विकासखंड के ग्राम नवीन देवरी मे जैविक खेती का एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में नर्मदे हर जैविक कृषि फार्म संचालित किया जा रहा है।
कृषि फार्म के संचालक श्री रजनैश दुबे आत्मज श्री घनश्याम दुबे ने इस वर्ष लगभग 18 एकड़ में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग लगाकर जैविक खेती प्रारंभ की है। डा इंदिरा त्रिपाठी, आत्मा परियोजना संचालक ने प्रक्षेत्र का निरीक्षण कर जैविक पंजीयन की कार्रवाई कराई।कृषक श्री दुबे नलगभग 70 एकड़ जमीन पर खेती प्रारंभ कर रहे हैं । पूर्व में जमीन पूर्णता बंजर थी एवं इसके पहले यहां पर कोई फसल नहीं ली जा रही थी। पिछले वर्ष से यहां पर भूमि सुधार कार्य प्रारंभ किया एवं वेस्ट डी कंपोजर कंपोस्ट खाद व वर्मी कंपोस्ट डालकर भूमि को तैयार किया। भूमि में फंगस व हानिकारक कीटों को नष्ट करने के लिए ट्राई कोडरमा व जैविक कीटनाशक का प्रयोग कर भूमि को फसल लेने योग्य बनाया।
वर्तमान में यहां पर चार एकड़ में ग्राफ्टेड ब्रिंजल(भटा) चार एकड़ में टमाटर तीन एकड़ में शिमला मिर्च व तीन एकड़ में हरी मिर्च का उत्पादन लिया जा रहा है।
इसी क्षेत्र में पालक मेथी मूली व हरी धनिया का दो एकड़ में उत्पादन लेने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। जैविक विधि से लगभग 7 एकड़ में मटर फली का उत्पादन लेने के लिए उन्नत किस्म का मटर लगाया है।
नर्मदे हर जैविक कृषि फार्म में फल उत्पादन लेने का भी कार्य चल रहा है इसके अंतर्गत अभी लगभग विभिन्न उन्नत किस्म के 1500 आम के पौधे व 500 आंवला के पौधे लगाए गए हैं जो की अच्छी बढ़वार पा गए हैं।
जैविक खेती के तकनीकी सलाहकार श्री रजनीश भारतीय दुबे ने इस प्रक्षेत्र में जीवामृत,माइकोराईजा, ट्राईकोडर्मा,जैव रसायन,नीमास्त्र,पंचपरणीय कीटनाशक तैयार करवाने की इकाई भी स्थापित करवाई गई है।
डा. त्रिपाठी ने भूमि का जैविक पंजीकरण करने के लिए निरीक्षण करते हुए कृषक को सलाह दी की क्षेत्र के चारों तरफ एक ट्रेंच बना दी जाए एवं फॉर्म रजिस्टर संधारित्र कर जो भी आदान सामग्री डाली जा रही है उसका रिकॉर्ड रखा जाए। जैविक प्रमाणीकरण संस्था भोपाल के निर्धारित प्रपत्र में जानकारी भरकर भोपाल कार्यालय भेजने के लिए प्रोत्साहित किया।
फार्म में उन्नत कृषि यंत्रों का संचालन करने वाले श्री लकी ग्रोवर मालगुजार ने बताया कि यहां पर यंत्रों के द्वारा निंदाई , रोपाई एवं मल्चिंग लगाई जाती है जिससे कम कृषि मजदूर की आवश्यकता होती है साथ ही साथ लागत भी कम हो जाती है।
नर्मदे हर जैविक कृषि फार्म में इको टूरिज्म के अंतर्गत भी अधो संरचना विकास का भी प्रस्ताव है साथ ही साथ स्थानीय व औषधि वृक्ष भी लगाए गए हैं।
देसी गायों का भी पालन पोषण किया जाता है एवं गोमूत्र व गोबर से आदान सामग्री तैयार कर सब्जी उत्पादन में उपयोग किया जा रहा है।
कृषि विभाग व कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मार्गदर्शन एवं सलाह लेकर अन्य तकनीकी अपनाईं जा रही है।
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