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राज्य कृषि समाचार (State News)

यूपी में बाढ़-ओलावृष्टि पीड़ित 9 लाख किसानों को मिले 493 करोड़ रुपये, गोरखपुर में योगी ने बांटी राशि

25 अक्टूबर 2026, गोरखपुर: यूपी में बाढ़-ओलावृष्टि पीड़ित 9 लाख किसानों को मिले 493 करोड़ रुपये, गोरखपुर में योगी ने बांटी राशि – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, भारी बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसल खोने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। गोरखपुर में हुए एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के बैंक खातों में सीधे 493 करोड़ रुपये की कृषि इनपुट सब्सिडी भेजी।

यह पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए किसानों के खातों में पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मदद जिलों से मिली डिजिटल फसल सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय की गई है, जिससे आकलन में समय कम लगा।

मकान और मृत्यु पर भी राहत

जिन किसानों के घर बाढ़ या आपदा में पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अलग से 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। यह राशि कृषि सब्सिडी के 493 करोड़ रुपये में शामिल नहीं है।

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सरकार ने इस मानसून में किसानों और आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए कुल 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। आपदा में जान गंवाने वाले परिवारों को 24 घंटे के भीतर 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी दावा किया गया है, जबकि फसल, मकान और पशुधन के नुकसान का मुआवजा 8 से 10 दिन के भीतर आपदा राहत कोष से देने की बात कही गई है।

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इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल समाज को बांटने का काम करते हैं, जबकि सरकारी धन का बंटवारा नियम और पात्रता के आधार पर होता है।

उत्तर प्रदेश में हर साल मानसून के दौरान गंगा, घाघरा, राप्ती और शारदा जैसी नदियों के किनारे बसे जिलों में बाढ़ से खेतों को नुकसान पहुंचता है। सरकार हर साल नुकसान के आकलन के लिए डिजिटल फसल सर्वे का सहारा लेती है, जिससे किसानों तक मुआवजा पहुंचने में लगने वाला समय घटाने का दावा किया जा रहा है।

यह सहायता उस दौर में आई है जब राज्य के कई हिस्सों में सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में हुई भारी बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा था। किसान संगठन लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि फसल सर्वे का काम जल्दी पूरा करके मुआवजा समय पर जारी किया जाए, ताकि अगली बुवाई के लिए किसानों के पास पैसा रहे।

राज्य में आपदा राहत की यह प्रक्रिया राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के नियमों के तहत चलती है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का हिस्सा शामिल रहता है। कृषि विभाग के मुताबिक आने वाले हफ्तों में बाकी बचे जिलों के सर्वे पूरा होने के बाद वहां के किसानों को भी यह सहायता मिलेगी।

किस्तों में मिलती है राहत

बड़े पैमाने पर फसल नुकसान होने पर उत्तर प्रदेश सरकार आमतौर पर एक साथ पूरी राशि जारी नहीं करती, बल्कि जिलों से सर्वे पूरा होते ही अलग-अलग किस्तों में डीबीटी के जरिए किसानों के खातों में पैसा भेजा जाता है। इससे उन इलाकों के किसानों को भी राहत मिलती रहती है जहां नुकसान का आकलन बाद में पूरा होता है।

किसानों को इस सहायता के लिए अलग से कोई नया आवेदन नहीं करना पड़ता, क्योंकि राशि सीधे गांव के लेखपाल और कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर खाते में भेजी जाती है। हालांकि अगर किसी पात्र किसान को राशि नहीं मिली हो, तो वह तहसील या जिला कृषि कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, जिससे रिकॉर्ड में सुधार कर आगे की किस्त में उसका नाम जोड़ा जा सके।

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