राजस्थान: यूरिया कालाबाजारी पर कृषि विभाग सख्त, डूंगला के उर्वरक विक्रेता पर कार्रवाई
09 मई 2026, जयपुर: राजस्थान: यूरिया कालाबाजारी पर कृषि विभाग सख्त, डूंगला के उर्वरक विक्रेता पर कार्रवाई – राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं यूरिया की कालाबाजारी तथा जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम द्वारा डूंगला क्षेत्र में एक उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण कर अनियमितताएं पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद चित्तौड़गढ़ डॉ. शंकर लाल जाट ने बताया कि 07 मई को सांयकाल संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा मैसर्स राजमल मोहनलाल दाणी, डूंगला स्थित उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में सहायक निदेशक कृषि (मुख्यालय) चित्तौड़गढ़ श्री मुकेश कुमार धाकड़ एवं कृषि अधिकारी (प्रशिक्षण) श्री गोपाल लाल शर्मा शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर कई अनियमितताएं पाई गईं। इनमें निर्धारित प्रारूप में मूल्य सूची एवं स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं होना, स्टॉक रजिस्टर का प्राधिकृत अधिकारी से प्रमाणित नहीं होना, उर्वरक अनुज्ञापत्र का प्रदर्शित नहीं होना, विक्रय किए गए उर्वरकों का रिकॉर्ड संधारित नहीं करना तथा गोदाम से उर्वरक विक्रय किया जाना शामिल है। इसके अतिरिक्त मौके पर उपलब्ध उर्वरक स्टॉक में भी अंतर पाया गया।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सहायक निदेशक कृषि (मुख्यालय) द्वारा प्रतिष्ठान के उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबन की अनुशंसा की गई, जिसके आधार पर दिनांक 08 मई 2026 को मैसर्स राजमल मोहनलाल दाणी, डूंगला का उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिया गया।
डॉ. शंकर लाल जाट ने जिले के समस्त आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे नियमानुसार ही उर्वरकों एवं अन्य कृषि आदानों का विक्रय करें, कृषकों को अनिवार्य रूप से बिल उपलब्ध कराएं तथा सभी आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज प्रतिष्ठान पर व्यवस्थित रूप से संधारित रखें।
उन्होंने जिले के कृषकों से अपील करते हुए कहा कि वे आवश्यकता अनुसार ही उर्वरकों का क्रय करें तथा अनावश्यक अग्रिम भंडारण से बचें। वर्तमान में जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। जिले में कुल 22,413 मैट्रिक टन यूरिया, 4,120 मैट्रिक टन डीएपी, 4,879 मैट्रिक टन एनपीके तथा 25,012 मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।
कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा कालाबाजारी एवं जमाखोरी के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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