बिहार में लीची फसल पर स्टिंग बग का हमला, शिवराज सिंह चौहान ने दिए तत्काल निर्देश
08 मई 2026, नई दिल्ली: बिहार में लीची फसल पर स्टिंग बग का हमला, शिवराज सिंह चौहान ने दिए तत्काल निर्देश – बिहार में लीची की फसल पर बढ़ते स्टिंग बग के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन घटने का डर सता रहा है। किसानों की इसी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर विशेषज्ञों की एक टास्क फोर्स गठित की गई है, जो प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का आकलन करेगी और किसानों को राहत देने के उपाय सुझाएगी।
यह मामला 7 मई को लखनऊ स्थित केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में बिहार के किसानों ने केंद्रीय मंत्री के सामने लीची स्टिंग बग से हो रहे भारी नुकसान की जानकारी दी। किसानों ने बताया कि इस कीट के कारण फलों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और उत्पादन में भी गिरावट आने की आशंका है। किसानों की बात सुनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल विशेषज्ञ समिति बनाने के निर्देश दिए।
इसके बाद राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र ने आदेश जारी कर विशेषज्ञ कार्यबल के गठन की जानकारी दी। यह टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी, कीट प्रकोप की स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी और यह पता लगाएगी कि किसानों को तुरंत राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही, लीची फसल को भविष्य में इस तरह के नुकसान से बचाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति भी तैयार की जाएगी।
टास्क फोर्स में विभिन्न कृषि और बागवानी संस्थानों के वैज्ञानिकों और अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसमें राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर के निदेशक को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा बिहार सरकार के बागवानी एवं पौधा संरक्षण विभाग के प्रतिनिधि, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, बिहार कृषि विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो के विशेषज्ञ भी इस टीम का हिस्सा हैं।
सरकारी आदेश के अनुसार, यह टीम बिहार के प्रमुख लीची उत्पादक जिलों के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी ताकि किसानों को समय रहते राहत मिल सके।
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