तेज गर्मी में पशुओं की देखभाल कैसे करें? पशु चिकित्सा विभाग ने बताए जरूरी उपाय
08 मई 2026, नई दिल्ली: तेज गर्मी में पशुओं की देखभाल कैसे करें? पशु चिकित्सा विभाग ने बताए जरूरी उपाय – गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ पशुओं की सेहत पर भी पड़ने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के चलते पशुओं में हीट स्ट्रेस, पानी की कमी और विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. हेमंत शाह ने पशुपालकों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में पशुओं की देखभाल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
डॉ. शाह ने बताया कि तेज धूप और लू से बचाने के लिए पशुओं के लिए छाया और शेड की उचित व्यवस्था बेहद जरूरी है। गौशालाओं में टीन, घास-फूस या शेड नेट के माध्यम से पक्की अथवा अस्थायी छत बनाई जाए और छत की ऊंचाई ऐसी हो कि हवा का आवागमन बना रहे। उन्होंने कहा कि पशुओं को खुली और हवादार जगह में रखें तथा यदि संभव हो तो पंखे या एग्जॉस्ट फैन का उपयोग करें।
ठंडा और साफ पानी जरूरी
पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार गर्मी के दिनों में पशुओं की पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें 24 घंटे ठंडा और साफ पानी उपलब्ध कराना जरूरी है। पानी के टैंकों को हमेशा भरा रखें और पानी में हल्का नमक या इलेक्ट्रोलाइट मिलाना पशुओं के लिए फायदेमंद हो सकता है।
डॉ. शाह ने बताया कि दिन में 2 से 3 बार पशुओं पर पानी का छिड़काव करने से उन्हें गर्मी से राहत मिलती है। जहां संभव हो, वहां स्प्रिंकलर सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा फर्श को गीला रखने से भी तापमान कम करने में मदद मिलती है।
खानपान में बरतें सावधानी
उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि सुबह और शाम के ठंडे समय में पशुओं को हरा चारा दें। पशु आहार में मिनरल मिक्स और नमक जरूर शामिल करें। दोपहर के समय ज्यादा प्रोटीन और भारी आहार देने से बचें।
साथ ही गौशाला में साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है। गोबर और गंदगी को समय-समय पर हटाते रहने से गर्मी और बीमारियों दोनों का खतरा कम होता है।
दोपहर में चराई से बचने की सलाह
पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों को सलाह दी है कि दोपहर की तेज धूप में पशुओं को बाहर न निकालें। चराई सुबह जल्दी या शाम के समय कराई जाए ताकि पशुओं पर लू का असर न पड़े।
ऐसे पहचानें हीट स्ट्रेस के लक्षण
डॉ. हेमंत शाह ने बताया कि यदि गौवंश तेजी से सांस ले रहा हो, मुंह खोलकर हांफ रहा हो या अत्यधिक बेचैन दिखाई दे, तो यह हीट स्ट्रेस का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उचित उपचार और सलाह लेना जरूरी है।
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