Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर: खरीफ 2026 में यूरिया-डीएपी वितरण के नए नियम लागू, जानिए किसानों को कैसे मिलेगा खाद

26 मई 2026, रायपुर: रायपुर: खरीफ 2026 में यूरिया-डीएपी वितरण के नए नियम लागू, जानिए किसानों को कैसे मिलेगा खाद – खरीफ सीजन 2026 के लिए राज्य सरकार ने सहकारी क्षेत्र में उर्वरक वितरण को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। किसानों को समय पर और संतुलित मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब यूरिया और डीएपी के वितरण का पैटर्न बदला गया है, वहीं जैविक एवं नैनो उर्वरकों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

सरकार ने यह निर्णय वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि खेती को अधिक टिकाऊ, कम लागत वाली और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।

संतुलित उर्वरक उपयोग पर रहेगा जोर

शासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए राज्य के किसानों को समय पर और समानुपातिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई वितरण व्यवस्था लागू की गई है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

नई नीति का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना, संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना और उर्वरकों की कालाबाजारी या गैर-कृषि उपयोग पर रोक लगाना है। साथ ही उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अनुरूप किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

यूरिया और डीएपी वितरण का बदला पैमाना

नई व्यवस्था के अनुसार खरीफ 2025 में किसानों को जितनी मात्रा में यूरिया मिला था, खरीफ 2026 में उसकी केवल 80 प्रतिशत मात्रा ही पारंपरिक यूरिया के रूप में दी जाएगी। शेष 20 प्रतिशत मात्रा उपलब्धता के आधार पर प्रदान की जाएगी, अन्यथा उसके स्थान पर नैनो यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।

इसी तरह डीएपी वितरण में भी बदलाव किया गया है। इस बार किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में केवल 60 प्रतिशत डीएपी ही दिया जाएगा। बाकी 40 प्रतिशत की पूर्ति वैकल्पिक एनपीके उर्वरकों या नैनो डीएपी के माध्यम से की जाएगी।

हालांकि शासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूरी व्यवस्था वैकल्पिक होगी।

भूमि के आधार पर किश्तों में मिलेगा यूरिया
सरकार ने किसानों की भूमि धारिता के आधार पर उर्वरक वितरण की अलग-अलग व्यवस्था तय की है।

सीमांत कृषक

जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ तक भूमि है, उन्हें निर्धारित मात्रा में उर्वरक एकमुश्त उपलब्ध कराया जाएगा।

लघु कृषक

2.5 से 5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को यूरिया दो किश्तों में दिया जाएगा। दूसरी किश्त पहली किश्त मिलने के 20 दिन बाद मिलेगी।

बड़े कृषक

5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को यूरिया तीन किश्तों में वितरित किया जाएगा। प्रत्येक किश्त के बीच 20 दिनों का अंतर अनिवार्य रहेगा।

बोरी की संख्या के आधार पर होगी गणना

शासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक वितरण की गणना बोरियों की संख्या के आधार पर की जाएगी। यदि गणना में दशमलव संख्या आती है, तो निकटतम पूर्णांक को मान्य माना जाएगा। उदाहरण के तौर पर 7.2 बोरी होने पर 7 बोरी और 7.8 बोरी होने पर 8 बोरी उर्वरक दिया जाएगा।

पारदर्शी और समयबद्ध वितरण के निर्देश

राज्य सरकार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और सहकारी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि उर्वरकों का वितरण पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। शासन का मानना है कि नई व्यवस्था से खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद वितरण में परेशानी नहीं होगी और कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।

सरकार ने किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग अपनाने और जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ाने की अपील भी की है, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे और खेती अधिक लाभकारी बन सके।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture