रायपुर : कृषि महाविद्यालय जगदलपुर के 90 छात्रों ने प्रतिष्ठित संस्थानों का किया शैक्षणिक भ्रमण, सीखी आधुनिक तकनीकें
26 मई 2026, रायपुर: रायपुर : कृषि महाविद्यालय जगदलपुर के 90 छात्रों ने प्रतिष्ठित संस्थानों का किया शैक्षणिक भ्रमण, सीखी आधुनिक तकनीकें – कृषि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी और नवाचार आधारित बनाने की दिशा में कृषि महाविद्यालय जगदलपुर द्वारा बी.एससी. कृषि तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए उत्तर भारत का व्यापक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस दस दिवसीय शैक्षणिक दौरे में 90 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर देश के प्रतिष्ठित कृषि, डेयरी, अनुसंधान और वानिकी संस्थानों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
यह शैक्षणिक भ्रमण 14 मई से 23 मई तक आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को पांच प्राध्यापकों के नेतृत्व में चार दलों में विभाजित कर विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों का भ्रमण कराया गया। जगदलपुर से शुरू हुए इस दौरे में छात्र रायपुर, दिल्ली, करनाल, मनाली और देहरादून पहुंचे।
राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थानों में मिला सीखने का अवसर
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नेशनल प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेस और नेशनल जीन बैंक जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों का अवलोकन किया। यहां वैज्ञानिकों ने छात्रों को आधुनिक कृषि अनुसंधान, उन्नत फसल प्रबंधन, जीन संरक्षण प्रणाली और नई कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते कृषि परिदृश्य में अनुसंधान आधारित खेती और वैज्ञानिक दृष्टिकोण किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विद्यार्थियों ने प्रयोगशालाओं और अनुसंधान इकाइयों का निरीक्षण कर आधुनिक कृषि पद्धतियों को करीब से समझा।
डेयरी अनुसंधान संस्थान में समझीं उन्नत तकनीकें
करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने साहीवाल, थारपारकर, करन स्विस और करन फ्रिज नस्ल की गायों सहित मुर्राह भैंसों का अवलोकन किया। यहां उन्हें दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों, पशुपालन प्रबंधन और आधुनिक डेयरी प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।
इसके साथ ही एबीआरसी में विद्यार्थियों ने कृत्रिम गर्भाधान, चयनित सांडों से वीर्य संग्रहण और क्लोन तकनीक से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझा। क्लोन भैंसे ‘श्रेष्ठ’, ‘तेजस’ और ‘करण’ विद्यार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।
गेहूं-जौ अनुसंधान और बागवानी तकनीकों का अध्ययन
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ व्हीट एंड बार्ली रिसर्च के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गेहूं और जौ की उन्नत किस्मों की ब्रीडिंग, उत्पादन एवं प्रबंधन प्रक्रियाओं का अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने उन्हें जलवायु परिवर्तन के बीच टिकाऊ खेती और बेहतर उत्पादन तकनीकों की जानकारी भी दी।
इसके बाद हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित कृषि विज्ञान केंद्र और हॉर्टिकल्चर संस्थानों में विद्यार्थियों को स्थानीय फसलों, बागवानी और उन्नत उत्पादन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
वानिकी शिक्षा और अनुसंधान के अवसरों से हुए अवगत
देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च अकादमी और सेंट्रल एकेडमी फॉर स्टेट फॉरेस्ट सर्विस के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वानिकी अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में पीजी और पीएचडी करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने बताया प्रेरणादायक अनुभव
विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को ज्ञान, अनुभव और प्रेरणा का अद्भुत संगम बताया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि इस शैक्षणिक दौरे ने उन्हें कक्षा से बाहर निकलकर व्यावहारिक अध्ययन का अवसर दिया, जिससे आधुनिक कृषि, अनुसंधान और तकनीक के प्रति उनकी समझ और अधिक मजबूत हुई।
उन्होंने बताया कि इस भ्रमण से उनमें उच्च शिक्षा, अनुसंधान और कृषि क्षेत्र में नवाचार के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।
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