राज्य कृषि समाचार (State News)

नरवाई जलाने की समस्या के नियंत्रण में फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण – संयुक्त संचालक श्री जितेंद्र सिंह

16 सितंबर 2026, इंदौर: नरवाई जलाने की समस्या के नियंत्रण में फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण – संयुक्त संचालक श्री जितेंद्र सिंह – संयुक्त संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास संभाग इंदौर श्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को विकासखंड सांवेर के ग्राम डकाच्या स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के बायो एनर्जी प्लांट का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, फसल अवशेषों से सीएनजी गैस के उत्पादन तथा जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। प्लांट के वाइस प्रेसिडेंट श्री राजेंद्र सिंह एवं प्लांट मैनेजर श्री सत्यम यादव ने संयुक्त संचालक को प्लांट की विभिन्न गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

प्लांट के पदाधिकारियों ने बताया कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र के किसानों से गेहूं, मक्का, सोयाबीन सहित अन्य फसलों की कटाई के पश्चात खेतों में शेष रह जाने वाले फसल अवशेषों का विधिवत एकत्रीकरण किया जाता है। इन फसल अवशेषों को कंपनी द्वारा स्वयं के व्यय पर किसानों के खेतों से एकत्रित कर बायो एनर्जी प्लांट तक लाया जाता है। इसके पश्चात इन अवशेषों का उपयोग सीएनजी गैस के उत्पादन में किया जाता है।
 उन्होंने बताया कि बायो एनर्जी प्लांट में गैस उत्पादन की प्रक्रिया के पश्चात बाय-प्रोडक्ट के रूप में ठोस एवं तरल, दो प्रकार की जैविक खाद प्राप्त होती है। इन जैविक खादों का उपयोग किसानों के खेतों में किया जा सकता है तथा इन्हें कृषि उपयोग के लिए वितरित भी किया जाता है। इस प्रकार फसल अवशेषों का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ कृषि के लिए उपयोगी जैविक खाद तैयार करने में भी किया जा रहा है।

संयुक्त संचालक श्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि फसल अवशेषों का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन किसानों के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। खेतों में फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण और नरवाई जलाने की गंभीर समस्या को नियंत्रित करने में इस प्रकार की पहल प्रभावी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करने तथा उपलब्ध तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि प्लांट प्रबंधन को कृषि विभाग की ओर से आवश्यक हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि किसानों, कृषि विभाग और बायो एनर्जी क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से फसल अवशेषों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है तथा इससे किसानों को अतिरिक्त लाभ के अवसर भी प्राप्त होंगे।

भ्रमण के दौरान कृषि विभाग की ओर से कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र इंदौर के प्राचार्य श्री एस.आर. चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती पूजा वर्मा एवं कृषि विस्तार अधिकारी सांवेर श्री अरविंद गुर्जर उपस्थित रहे। कृषि विज्ञान केंद्र इंदौर से डॉ. डी.के. मिश्रा, डॉ. ए.के. शुक्ला एवं श्री नितिन पचलानिया तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से श्री प्रणव पाटीदार एवं श्री पुरुषोत्तम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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