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राज्य कृषि समाचार (State News)

MP में गेहूं खरीदी में कमी की होगी जांच, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिए वसूली के निर्देश  

10 जुलाई 2026, भोपाल: MP में गेहूं खरीदी में कमी की होगी जांच, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिए वसूली के निर्देश – रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं में कमी की जानकारी सामने आने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी को गेहूं खरीदी में पाई गई कमी की गहन समीक्षा करने, कमी के कारणों की पहचान करने तथा संबंधित समितियों और परिवहनकर्ताओं से उसकी भरपाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री के निर्देशों के बाद अपर मुख्य सचिव खाद्य ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि जिला उपार्जन समिति के माध्यम से गेहूं की कमी के कारणों का पता लगाया जाए और वास्तविक कमी पाए जाने पर संबंधित समितियों अथवा परिवहनकर्ताओं से वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पिछले साल से कम रही गेहूं की खरीद

खाद्य विभाग के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान तुलाई, परिवहन और भंडारण जैसे हैंडलिंग कार्यों में प्रति क्विंटल गेहूं की कुछ मात्रा कम होना सामान्य प्रक्रिया है। पिछले वर्षों में प्रति क्विंटल औसतन 176 ग्राम की कमी दर्ज की जाती थी, जबकि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में यह कमी घटकर 70 ग्राम प्रति क्विंटल रह गई है। खास बात यह है कि इस वर्ष गेहूं की खरीदी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 प्रतिशत अधिक होने के बावजूद कमी की मात्रा पहले से कम रही।

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विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी पंजीकृत सहकारी समितियों और पंजीकृत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा कराई जाती है। गेहूं की खरीदी का कार्य सीधे नागरिक आपूर्ति निगम नहीं करता।

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जिला उपार्जन समिति करेगी जांच और वसूली

प्रदेश में गेहूं खरीदी की पूरी प्रक्रिया जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय उपार्जन समिति के माध्यम से संचालित होती है। गेहूं की खरीदी में कमी पाए जाने पर उसकी जांच, सत्यापन और संभावित आर्थिक नुकसान की भरपाई संबंधित सहकारी समितियों, स्व-सहायता समूहों तथा परिवहनकर्ताओं से कराई जाती है। समिति यह सुनिश्चित करती है कि शासन को किसी प्रकार की आर्थिक क्षति न हो।

सागर जिले में भी कम हुई गेहूं की खरीद 

विभाग के अनुसार सागर जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान 49 हजार से अधिक किसानों से करीब 36 लाख 20 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई। पिछले वर्षों में यहां प्रति क्विंटल औसतन 510 ग्राम गेहूं की कमी दर्ज होती थी, जबकि इस वर्ष यह घटकर 318 ग्राम प्रति क्विंटल रह गई है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में प्रति क्विंटल लगभग 192 ग्राम कम कमी दर्ज की गई।

वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय उपार्जन समितियों द्वारा गेहूं की कमी की पहचान और सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक कमी से होने वाली संभावित आर्थिक क्षति की वसूली संबंधित सहकारी समितियों, स्व-सहायता समूहों और परिवहनकर्ताओं से की जाएगी।

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