राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़ का गौरव: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ICAR ने दिया ‘A ग्रेड’, 5 साल के लिए मिली अधिमान्यता  

11 सितंबर 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ का गौरव: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ICAR ने दिया ‘A ग्रेड’, 5 साल के लिए मिली अधिमान्यता – इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGAU) ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण कार्यक्रमों को ‘A ग्रेड’ प्रदान किया है। विश्वविद्यालय के स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रमों को मार्च 2024 से मार्च 2029 तक की अवधि के लिए अधिमान्यता दी गई है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने हाल ही में विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों को अधिमान्यता प्रदान करने संबंधी आदेश जारी किया है। जारी सूची के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को देश के उत्कृष्ट कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान मिला है। विश्वविद्यालय को यह उपलब्धि पिछले चार वर्षों में शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर हासिल हुई है।

2019 में मिला था B ग्रेड, अब A ग्रेड

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की वर्ष 2019 की अधिमान्यता सूची में विश्वविद्यालय को ‘B ग्रेड’ मिला था। अब विश्वविद्यालय ने इसमें सुधार करते हुए ‘A ग्रेड’ हासिल किया है। विश्वविद्यालय को इससे पहले NIRF रैंकिंग में 28वां स्थान भी प्राप्त हुआ था। विश्वविद्यालय के अनुसार वह NIRF रैंकिंग सूची में स्थान पाने वाला छत्तीसगढ़ का एकमात्र विश्वविद्यालय है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और उनके सभी सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

‘A ग्रेड’ से विश्वविद्यालय को क्या फायदा होगा?

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ‘A ग्रेड’ मिलने से उसकी शैक्षणिक और संस्थागत साख बढ़ेगी। यह ग्रेड इस बात को दर्शाता है कि विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान, अधोसंरचना निर्माण, प्रशासन और छात्र सहायता जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण काम किया है। नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालयों को उनके प्रदर्शन यानी ग्रेड के आधार पर विभिन्न अधोसंरचनाओं के निर्माण और शिक्षण एवं शोध कार्यक्रमों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। ऐसे में ग्रेड में सुधार होने से विश्वविद्यालय को भारत सरकार के विभिन्न विभागों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, राज्य सरकार और विभिन्न अनुसंधान संस्थाओं से शिक्षण एवं अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए अधिक वित्तीय सहयोग मिलने की संभावना बढ़ेगी।

इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की साख बढ़ेगी। अच्छे विद्यार्थी विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित होंगे और अन्य विश्वविद्यालयों एवं विदेशी संस्थानों के साथ शिक्षण और शोध सहयोग में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कृषि अनुसंधान, कृषि प्रसार और औद्योगिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

इन आधारों पर मिली ‘A ग्रेड’ की मान्यता

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग के दौरान कई बिंदुओं को ध्यान में रखा गया। इनमें शिक्षण व्यवस्था, शिक्षण अधोसंरचना, शोध एवं अनुसंधान का स्तर, किसानों तक तकनीकों का हस्तांतरण, नवाचार और विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की स्थिति प्रमुख हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय और विभिन्न महाविद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात, क्लासरूम, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, हॉस्टल, खेल मैदान और फर्नीचर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता का भी मूल्यांकन किया गया। ग्रेडिंग प्रक्रिया में छात्र प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, शिक्षण-अध्यापन का स्तर, अकादमिक रेगुलेशन, मूल्यांकन, छात्रवृत्ति, छात्र कल्याण और संस्थागत डेटाबेस जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया।

चार साल में शिक्षा और अधोसंरचना में हुआ विस्तार

कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के हाल के चार वर्षीय कार्यकाल के दौरान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अधोसंरचना, अनुसंधान, तकनीकी विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। इस अवधि में नए कृषि महाविद्यालय स्थापित किए गए, वहीं विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या में भी वृद्धि हुई। विश्वविद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं, छात्रावासों और आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण किया गया। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भी लागू किया गया।

विश्वविद्यालय में पिछले वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों और सहायक स्टाफ की भर्ती की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक संबंधों को मजबूत किया गया, जिससे विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के अवसर भी मिले। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की गईं और डिग्री प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराया गया। विश्वविद्यालय का मानना है कि शिक्षा, अनुसंधान, अधोसंरचना, तकनीकी विकास और किसान हित से जुड़े इन प्रयासों ने ‘A ग्रेड’ हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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