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राज्य कृषि समाचार (State News)

जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के क्षेत्र में ‘हिम्मत’ से डटे ‘पटेल’

20 फ़रवरी 2025, (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर ): जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के क्षेत्र में ‘हिम्मत’ से डटे ‘पटेल’ – साधारण परिवार से संबंध रखने वाले मिडिल तक शिक्षित ग्राम सायता, तहसील कसरावद के प्रगतिशील किसान श्री हिम्मत सिंह पटेल ने जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है। विगत दो वर्षों से वे जैविक खेती के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन भी कर रहे हैं, वहीं  किसानों और छात्रों को भी जैविक खेती का प्रशिक्षण देते हैं। इसके अलावा श्री पटेल, द्वारा  एक बीज केंद्र भी संचालित किया जा रहा है, जहां से किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। इन्होंने स्वयं का 7500 वर्गफुट का वेयरहाउस और सीड प्लांट भी स्थापित किया है। उनके इस कार्य में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मालती पटेल का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।  

श्री हिम्मत सिंह पटेल

श्री पटेल ने बताया कि 40 बीघा कृषि भूमि होने के बावजूद  पारंपरिक खेती में अधिक लागत और कम उत्पादन के कारण आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही थी। फिर जैविक खाद के उत्पादन की ओर रुख किया। जब स्वयं अपने खेतों में इसका उपयोग किया, तो न केवल उत्पादन बढ़ा, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बनी रही। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरने लगी। इनके पास ऑस्ट्रेलियन  प्रजाति के केंचुए हैं, जिनसे वे 5×50 फीट के बेड बनाकर लगभग 3000 वर्गफुट में उत्पादन कर रहे हैं। प्रत्येक बेड से उन्हें लगभग 5 टन वर्मी कम्पोस्ट खाद प्राप्त होती है, जिससे वे साल भर में अपने कृषि कार्य के अतिरिक्त 100 टन खाद का उत्पादन कर लेते हैं। वे अपने खेतों में तुअर, चना, गेहूं, केला, मूंग और विभिन्न सब्जियों का जैविक उत्पादन तो कर ही रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं। ग्राम सायता के शासकीय माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री संजय शर्मा के अनुसार, श्री पटेल विद्यालय के बच्चों को भी जैविक खेती का प्रशिक्षण देते हैं। इसके तहत, शाला के किचन गार्डन में उगाई गई जैविक सब्जियों का उपयोग मध्याह्न भोजन में किया जाता है। इससे बच्चों को स्वच्छ  और पोषक भोजन मिल रहा है, साथ ही वे जैविक खेती के महत्व को भी समझ रहे हैं।

श्री पटेल ने निशान एग्रिको के नाम से एक बीज केंद्र भी संचालित कर रखा है, जिससे क्षेत्र के किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वयं का 7500 वर्गफुट का वेयरहाउस और सीड प्लांट भी स्थापित किया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को भंडारण और बीज प्रसंस्करण की सुविधाएं मिलती हैं। उनके इस प्रयास से किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है और कृषि उत्पादन में वृद्धि हो रही है। श्री पटेल के कार्यों को प्रशासनिक स्तर पर भी सराहा गया है। हाल ही में जिला कलेक्टर श्रीमती भव्या मित्तल ने उनके उत्पादन स्थल का निरीक्षण किया और उनके प्रयासों की प्रशंसा की। श्री पटेल ने जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से न केवल अपनी स्थिति में सुधार किया, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

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