खेतों में डीएपी की जगह अपनाएं टीएसपी और यूरिया का संयोजन, कृषि विभाग ने किसानों को दी सलाह
06 नवंबर 2026, रायसेन: खेतों में डीएपी की जगह अपनाएं टीएसपी और यूरिया का संयोजन, कृषि विभाग ने किसानों को दी सलाह – मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर रोहित सिसोनिया के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) के विकल्प के रूप में टीएसपी (ट्रिपल सुपर फॉस्फेट) और यूरिया के संयुक्त इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों को फसलों की पोषण जरूरत के अनुसार उर्वरकों का बेहतर प्रबंधन करने और डीएपी पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
उप संचालक कृषि केपी भगत ने बताया कि डीएपी के स्थान पर टीएसपी और यूरिया का संयोजन अपनाकर फसलों को आवश्यक फॉस्फोरस एवं नाइट्रोजन उपलब्ध कराया जा सकता है। इनके संयुक्त उपयोग से डीएपी के समान ये पोषक तत्व मिलते हैं। इसके अलावा टीएसपी से सल्फर और कैल्शियम भी प्राप्त होता है, जो फसलों के लिए आवश्यक हैं।
डीएपी और टीएसपी-यूरिया में पोषक तत्वों का अंतर
उप संचालक कृषि के अनुसार, डीएपी की 50 किलोग्राम की एक बोरी से 23 किलोग्राम फॉस्फोरस और 9 किलोग्राम नाइट्रोजन मिलती है। वहीं, टीएसपी की 50 किलोग्राम की एक बोरी से 23 किलोग्राम फॉस्फोरस प्राप्त होता है। इसके साथ 20 किलोग्राम यूरिया मिलाने पर करीब 9 किलोग्राम नाइट्रोजन मिलती है। टीएसपी में 6 किलोग्राम सल्फर और 8 किलोग्राम कैल्शियम भी होता है। इस तरह टीएसपी और यूरिया के संयुक्त उपयोग से फसल को फॉस्फोरस और नाइट्रोजन के साथ अतिरिक्त पोषक तत्व भी मिलते हैं।
डीएपी के मुकाबले 70 रुपये ज्यादा आएगी लागत
उर्वरकों की कीमतों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 50 किलोग्राम डीएपी की एक बोरी की कीमत 1,350 रुपये है। वहीं, 50 किलोग्राम टीएसपी की कीमत 1,300 रुपये और 20 किलोग्राम यूरिया की कीमत 120 रुपये है। इस तरह टीएसपी और यूरिया की कुल 70 किलोग्राम मात्रा पर 1,420 रुपये खर्च होंगे। इस हिसाब से डीएपी की एक बोरी की तुलना में टीएसपी और यूरिया के संयोजन पर 70 रुपये अतिरिक्त खर्च आएगा। इसके बदले किसानों को 70 किलोग्राम उर्वरक मिश्रण मिलेगा।
मिट्टी परीक्षण के आधार पर करें उर्वरकों का उपयोग
उप संचालक कृषि ने रायसेन जिले के किसानों से अपील की है कि वे केवल परंपरागत रूप से डीएपी पर निर्भर न रहें। किसान अपनी फसल, मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट और पोषक तत्वों की आवश्यकता के अनुसार टीएसपी और यूरिया जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का भी उपयोग करें। उन्होंने बताया कि उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल फसल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक है। इससे उर्वरकों की उपलब्धता का बेहतर प्रबंधन करने में भी मदद मिलती है। किसान उर्वरक के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से 6269141000 नंबर पर ई-टोकन बुक कर सकते हैं।
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