पन्ना: कृषि सखियों ने सीखी बीजामृत एवं अग्नि अस्त्र बनाने की विधि
21 जनवरी 2026, पन्ना: पन्ना: कृषि सखियों ने सीखी बीजामृत एवं अग्नि अस्त्र बनाने की विधि – राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना में आयोजित कृषि सखियों के द्वितीय बैच के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का चौथा दिन संपन्न हुआ।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पी.एन. त्रिपाठी ने कृषि सखियों को आच्छादन (मल्चिंग) और वापसा प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बीजामृत बनाने की विधि सिखाई और बीज शोधन की उपयोगिता भी बताई। परियोजना संचालक आत्मा श्री ए.पी. सुमन ने कृषि सखियों से प्राकृतिक खेती के लाभों पर चर्चा की। आर्थिक लाभ के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य में होने वाले सुधार व पराली जलाने से होने वाली हानियों के संबंध में कृषि सखियों को अवगत कराया गया। इस अवसर पर इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री राजेश मौर्य ने यूरिया और डीएपी के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण पर चर्चा की। इफको की सामाजिक कल्याण योजना के तहत कृषि सखियों एवं केंद्र के श्रमिकों को निःशुल्क कंबल भी वितरित किए गए।
प्राकृतिक खेती के नोडल अधिकारी डॉ. रितेश कुमार जायसवाल ने कृषि सखियों को अग्नि अस्त्र बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया और उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. आर.पी. सिंह ने रसायनों के प्रयोग से सब्जियों व फलों की खेती में होने वाली हानिकारक प्रभाव के बारे में बताया। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय पन्ना के अधिष्ठाता डॉ. पी.के. त्यागी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जयचंद लोधी,श्री रितेश बागोरा, श्री देशराज प्रजापति, जया कोरी, श्री संदीप त्रिपाठी, रावे छात्रा दिव्यांशिका त्यागी, महक पटेरिया, आरती काल्वे भी उपस्थित रहीं।
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