संरक्षित खेती व पालीहाउस प्रबंधन पर प्रशिक्षण का आयोजन

Share

14 मार्च 2022, उदयपुरसंरक्षित खेती व पालीहाउस प्रबंधन पर प्रशिक्षण का आयोजन – संरक्षित खेती व पालीहाउस प्रबंधन पर प्रशिक्षण का आयोजन – राजस्थान कृषि महाविद्यालय के उद्यानिकी विभाग में स्नातक विद्यार्थियों हेतु टमाटर की संरक्षित खेती व पालीहाउस प्रबंधन पर छः दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की संस्थागत विकास योजना द्वारा प्रायोजित इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को संरक्षित खेती व पालीहाउस प्रबंधन पर संपूर्ण तकनीकी जानकारी दी गई । प्रशिक्षण का उद्घाटन सत्र 7 मार्च को आयोजित हुआ। जिसमें डॉ. पी. के. सिंह, अधिष्ठाता, प्रौद्योगिकी एवं अभियंत्रिकी महाविद्यालय, उदयपुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को विषय वस्तु के साथ साथ व्यवहारिक ज्ञान देने की भी आवश्यकता है जिससे वह कृषि को समाज में एक उद्यम के रूप में प्रस्तुत कर सकें एवं रोजगार लेने के स्थान पर रोजगार सृजन कर सकें । डॉ. आर. ए. कौशिक, निदेशक, प्रसार शिक्षा, ने वर्तमान समय मे संरक्षित खेती द्वारा उच्च गुणवत्ता के उत्पादों के उत्पादन पर जोर दिया जिसके परिणाम स्वरूप हमारा राष्ट्र सब्जियों व फलों का पूरे विश्व में निर्यात करने में सक्षम हो सकेगा ।

डॉ.एस.एस. शर्मा, अधिष्ठता, राजस्थान कृषि महाविद्यालय, ने पॉली हाउस निर्माण व प्रबंधन को बदलते परिवेश में एक उद्यम के रूप में अपनाने के लिए छात्रों को प्रेरित किया जिससे वे इसे अपनी आजीविका के स्थायी विकल्प के रूप में चुन सकते है । डॉ. एच. एल. बेरवा, विभाग अध्यक्ष, उद्यान विज्ञान ने संरक्षित खेती में नई तकनीकी जैसे ऑटोमेशन पद्धति व कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समावेश पर जोर दिया । प्रशिक्षण प्रभारी डॉ कपिल देव आमेटा, सह आचार्य, उद्यानिकी ने जानकारी दी कि इस छः दिवसीय प्रशिक्षण में स्नातक छात्रों को टमाटर फसल की संरक्षित खेती व पाली हाउस प्रबंधन के विषय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा सभी पहलुओं पर विस्तृत ज्ञान व्याख्यानों व प्रयोगिक कालांशों के माध्यम से दिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में संरक्षित खेती के महत्व व सिद्धांत, पॉली हाउस निर्माण, फसल में फर्टिगेशन शेड्यूलिंग, पॉली हाउस में वातावरण प्रबंधन व पर्यावरणीय घटकों का प्रभावसिंचाई प्रणाली की स्थापना व प्रबंधन, कीट रोधी जाली की स्थापना, पोषक तत्व प्रबंधन, समेकित कीट व्याधि प्रबंधन, सूत्रकृमि प्रबंधन, उत्पादन तकनीकी, मृदा रहित खेती की तकनीकफसल की ट्रेनिंग, कटाई छटाई व तुड़ाई का प्रायोगिक प्रशिक्षण आदि अन्य विषयों पर छात्रों को उनके स्वयं के द्वारा करवाकर संपूर्ण रूप से जानकारी दी गई दिनांक 12 मार्च 2022 को समापन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. एस.एस. शर्मा, अधिष्ठाता, राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर, डॉ. एच.एल. बेरवा, विभागाध्यक्ष, उद्यान विभाग, डॉ. आर. एच. मीणा, सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण व डॉ. बी. जी. छीपा, प्रशिक्षण सह प्रभारी ने अपने विचार रखे एवं सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पुस्तिका व प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

महत्वपूर्ण खबर: म.प्र. बजट 2022-23 बना किसानों के मुस्कुराने की वजह

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *