महिलाओं की आय बढ़ाने की बड़ी पहल! मशरूम उत्पादन के लिए कंपनी से हुआ अनुबंध, 6,500 किसानों को मिलेगा लाभ
16 जुलाई 2026, भोपाल: महिलाओं की आय बढ़ाने की बड़ी पहल! मशरूम उत्पादन के लिए कंपनी से हुआ अनुबंध, 6,500 किसानों को मिलेगा लाभ – महिलाओं की आय बढ़ाने और मंडला जिले में मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए सीएमटीसी बिछिया में स्व-सहायता समूह की महिलाओं और पायलट मशरूम फार्म कंपनी के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस अनुबंध के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाएं मशरूम का उत्पादन करेंगी, जबकि कंपनी उनकी उपज उचित मूल्य पर खरीदेगी। साथ ही कंपनी प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराएगी।
महिलाओं को मिलेगा रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने कहा कि यह अनुबंध महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनें तथा मशरूम उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने बताया कि महिलाएं सीसीएल के माध्यम से ऋण प्राप्त कर मशरूम उत्पादन शुरू कर सकेंगी तथा प्रत्येक किसान की उत्पादन क्षमता के अनुसार अनुबंध किया जाएगा।
6,500 किसानों को मिलेगा लाभ
एसडीएम बिछिया सोनाली देव ने बताया कि इस पहल के लिए बिछिया विकासखंड के 10 गांवों के लगभग 5,000 किसानों तथा मवई विकासखंड के 1,500 किसानों को चिन्हित किया गया है। इस प्रकार कुल 6,500 किसानों को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को आजीविका का नया अवसर मिलेगा।
कंपनी देगी प्रशिक्षण, बीज और खरीदेगी पूरी उपज
पायलट मशरूम फार्म के प्रतिनिधि अनंत इखर ने बताया कि उनकी संस्था किसानों और महिलाओं को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देगी। साथ ही गुणवत्तापूर्ण बीज एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराएगी और तैयार उपज को उचित मूल्य पर खरीदेगी। उन्होंने बताया कि यदि पहली बार उत्पादन में किसी कारणवश नुकसान होता है तो संस्था दोबारा उतनी ही मात्रा में बीज उपलब्ध कराएगी, ताकि किसान बिना किसी हिचक के दोबारा उत्पादन कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी संस्था मशरूम से ग्रीन टी और विभिन्न मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पाद भी तैयार करती है।
महिलाओं ने साझा किए सफलता के अनुभव
प्रशिक्षक मनोज धूमकेती ने मशरूम उत्पादन की तकनीकी जानकारी देते हुए कहा कि वे पिछले चार वर्षों से मशरूम उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं और अब अन्य किसानों व महिलाओं को भी इसका प्रशिक्षण देंगे।
कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। सोनिया मरावी ने बताया कि समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक रूप से उल्लेखनीय प्रगति की है और आज वे तीन ट्रैक्टर तथा दो थ्रेसर की स्वामिनी हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले भी मशरूम की खेती कर लाभ कमा चुकी हैं और अब अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं।
वहीं सोमती धुर्वे ने बताया कि उन्होंने आठ बैग में मशरूम उत्पादन किया था, जिसमें लगभग 8 हजार रुपये की लागत पर 15 हजार रुपये की आय हुई। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत शाश्वत सिंह मीना, जिला परियोजना प्रबंधक एनआरएलएम बीडी भैंसारे, सीईओ जनपद पंचायत भागचंद टिमरिया, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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