मध्यप्रदेश कैबिनेट की बड़ी सौगात: कपास पर मंडी फीस हुई आधी, 1% से घटकर 0.5%
10 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश कैबिनेट की बड़ी सौगात: कपास पर मंडी फीस हुई आधी, 1% से घटकर 0.5% – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में कृषि और व्यापार क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें कपास पर मंडी फीस की दर 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत करने का फैसला प्रमुख रहा। सरकार का मानना है कि इससे कपास किसानों, जिनिंग उद्योग और कृषि व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा।
कपास जिनिंग मिलों को मिलेगी राहत
मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए मंडी फीस आधी करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें संचालित हैं, जिनकी कुल प्रसंस्करण क्षमता करीब 13 लाख मीट्रिक टन है। मंडी फीस कम होने से मिलों की इनपुट लागत घटेगी और उनकी आर्थिक व्यवहार्यता मजबूत होगी।
सरकार के अनुसार यह कदम जिनिंग मिलों को पड़ोसी राज्यों में पलायन करने के बजाय मध्यप्रदेश में ही कारोबार जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जीएसटी संग्रहण में भी वृद्धि होने की संभावना है।
किसानों के हित में बढ़ाया गया मंडी शुल्क
कृषक कल्याण और कृषि अधोसंरचना के विकास के लिए मंत्रि-परिषद ने सामान्य मंडी शुल्क को एक रुपये से बढ़ाकर 1.50 रुपये करने का भी निर्णय लिया है। शुल्क में हुई इस वृद्धि से प्रदेश को लगभग 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होने का अनुमान है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि सीधे किसानों के हित में खर्च की जाएगी। अतिरिक्त आय का उपयोग किसान सड़क निधि, कृषि अनुसंधान, कृषि अधोसंरचना विकास, मंडियों की मूलभूत सुविधाओं, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रसंस्करण इकाइयों और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा।
फसल उपार्जन के लिए 8,600 करोड़ की गारंटी
मंत्रि-परिषद ने आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूं तथा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान और मोटे अनाजों के सुचारू उपार्जन के लिए एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन (MPSCSC) और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति (गारंटी) देने की मंजूरी भी दी है।
इस निर्णय से समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज की खरीद के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और उपार्जन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कृषि और व्यापार को मिलेगी नई गति
राज्य सरकार का कहना है कि कपास पर मंडी फीस में कमी, किसानों के लिए अतिरिक्त विकास निधि और फसल उपार्जन के लिए वित्तीय सहायता जैसे निर्णय प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई गति देंगे। इससे किसानों, व्यापारियों, जिनिंग उद्योग और कृषि आधारित कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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