मध्यप्रदेश बनेगा उद्यानिकी हब, 2026 में 1.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य
16 मई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश बनेगा उद्यानिकी हब, 2026 में 1.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र विस्तार का लक्ष्य – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2026 को प्रदेश में “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार कृषि और उससे जुड़ी संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्य योजना पर काम कर रही है। इसी कड़ी में उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में 1 लाख 32 हजार 147 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अधिक लाभकारी उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करना है।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा तैयार कार्य योजना के अनुसार फल फसलों के क्षेत्र में 18 हजार हेक्टेयर, सब्जी उत्पादन में 54 हजार हेक्टेयर, मसाला फसलों में 56 हजार हेक्टेयर, पुष्प उत्पादन में 3 हजार 500 हेक्टेयर, औषधीय फसलों में 600 हेक्टेयर तथा संरक्षित खेती में 47 हेक्टेयर क्षेत्र वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि बदलते कृषि परिदृश्य में उद्यानिकी फसलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।
खेती को बहुआयामी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि वर्ष की अवधारणा को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए पशुपालन, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया है। शासन की मंशा है कि खेती को बहुआयामी बनाकर किसानों को पूरे वर्ष आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
इसी दिशा में उद्यानिकी विभाग किसानों को उन्नत पौध सामग्री, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, पॉली हाउस, शेडनेट तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रहा है।
उद्यानिकी क्षेत्र में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र की लगातार बढ़ती सफलता सकारात्मक संकेत दे रही है। वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का कुल क्षेत्रफल 25 लाख 96 हजार 793 हेक्टेयर था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 28 लाख 60 हजार 952 हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में करीब 37 लाख 68 हजार 200 मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है। इसे किसानों की बढ़ती जागरूकता, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम माना जा रहा है।
प्रदेश की जलवायु उद्यानिकी फसलों के लिए अनुकूल
विशेषज्ञों के अनुसार मध्यप्रदेश की भौगोलिक विविधता और अनुकूल जलवायु उद्यानिकी फसलों के लिए बेहद उपयुक्त है। मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, महाकौशल और चंबल क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की फल, सब्जी और मसाला फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है।
प्रदेश में आम, संतरा, अमरूद, पपीता, टमाटर, प्याज, लहसुन, धनिया और मिर्च जैसी फसलें किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से उद्यानिकी आधारित कृषि मॉडल को मजबूती मिल रही है।
किसानों को बाजार और निर्यात से जोड़ने की तैयारी
सरकार किसानों को बाजार, प्रसंस्करण और निर्यात से जोड़ने के प्रयास भी तेज कर रही है, ताकि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। कृषि वर्ष 2026 के तहत उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार का यह अभियान केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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