मध्यप्रदेश के कई जिलों में सामान्य वर्षा की संभावना
16 सितंबर 2026, नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के कई जिलों में सामान्य वर्षा की संभावना – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम, चंबल, जबलपुर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर; भोपाल, ग्वालियर , रीवा, शहडोल, सागर संभागों, के जिलों में कहीं कहीं; वर्षा दर्ज़ की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। 1 जून से 16 सितंबर तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में -2 % कम वर्षा हुई है । पूर्वी मप्र में औसत से -2 % कम तथा पश्चिमी मप्र में – 11 % कम वर्षा हुई है। पूर्वी मप्र के शाहपुरा-जबलपुर में 75.3 तथा पश्चिमी मप्र के दतिया जिले के सेंवढ़ा में सर्वाधिक 100 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।
वर्षा के प्रमुख आंकड़े – पूर्वी मप्र – रामपुर बघेलान 35.0 , मझगांव 32.0 , चौरी 30.2 ,बुढ़ार 27.0 , लखनादौन 25.5, मंडला 25.3 , बरघाट 23.4 , तमिया 21.0 , बंडा 19.0 , जुन्नारदेव 18.2 , पाटन 17.4 , बीना 16.0 , पनागर 15.2 , बरेला 13.4 , जबलपुर एडबल्यू एस 12.9 गौरिहार 12.4 , जैतहरी 12.0 , घंसौर 11.0 , छपारा 10.3 तथा सिवनी में 10.2 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई। जबकि पश्चिमी मप्र में सेंवढ़ा 100.0 , रौन 28.0 , मिहोना 25.0 , अलीपुर ( जौरा ) 21.0 , लहार 19.5 , बाबई ( माखन नगर ) 19.0 तथा पोरसा में 16.0 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।
मौसमी परिस्थितियां – 19 सितंबर, 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण -पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही है। निम्न दाब क्षेत्र, सौराष्ट्र और संलग्न पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बना और आज उसी क्षेत्र में यथावत बना रहा। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब मध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मानसून ट्रफ मध्य समुद्र तल पर अब सौराष्ट्र और संलग्न पूर्वोत्तर अरब सागर के निम्न दाब क्षेत्र के केंद्र , दीसा, जयपुर, आगरा, लखनऊ, गया, सागर द्वीप से होते हुए दक्षिण -पूर्व की ओर पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक गुजर रहा है। एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण , आज सुबह 8 :30 बजे पर उत्तर थाईलैंड के ऊपर फैला हुआ था। इसके 18 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में उभरने की संभावना है और इसके प्रभाव से 19 सितंबर , 2026 की शाम के आसपास उसी क्षेत्र में एक निम्न दाब क्षेत्र के बनने की संभावना है। ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण , उत्तर हरियाणा और संलग्न क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है।
पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन , बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन , देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच जिलों में कहीं -कहीं विदिशा , रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर , दतिया , भिंड , मुरैना, श्योपुरकलां, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सि वनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्ना जिलों में कुछ स्थानों पर तथा सिंगरौली , सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया , डिंडोरी , कटनी,पन्ना और मैहर जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा होगी या गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। कई जिलों में झंझावात / वज्रपात और झोंकेदार हवाएं ( 30 -40 किमी / घंटा ) चलने की भी संभावना है।
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