राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में श्रीअन्न के रकबे में तीन साल में दोगुनी वृद्धि, मुख्यमंत्री ने किया किसानों को प्रोत्साहित

26 सितम्बर 2024, भोपाल: मध्यप्रदेश में श्रीअन्न के रकबे में तीन साल में दोगुनी वृद्धि, मुख्यमंत्री ने किया किसानों को प्रोत्साहित – मध्यप्रदेश में श्रीअन्न (मिलेट्स) की खेती में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीअन्न उगाने वाले किसानों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पिछले तीन सालों में श्रीअन्न का रकबा दोगुना हो गया है। वर्ष 2020-21 में 67 हजार हेक्टेयर पर हो रही श्रीअन्न की खेती 2023-24 में बढ़कर 1.35 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री ने इस वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त राष्ट्र संघ में “अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष” मनाने की पहल को श्रेय दिया और कहा कि इससे प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिली है। डॉ. यादव ने श्रीअन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए “रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना” की भी घोषणा की है, जिसका उद्देश्य किसानों को अधिक प्रोत्साहन देना है।

मध्यप्रदेश राज्य में मिलेट्स के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। “मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन” के तहत बीज वितरण, कृषक प्रशिक्षण और सेमिनारों का आयोजन किया जा रहा है।

प्रदेश में प्रमुख फसलें कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा, और रागी हैं, जो मंडला, डिंडोरी, शहडोल, खरगौन, खंडवा और मालवा क्षेत्रों में उगाई जाती हैं।

इसके साथ ही, मिलेट्स को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में पर्यटन स्थलों पर फूड फेस्टिवल और रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं। इंदौर में प्रवासी भारतीय दिवस और भोपाल में जी-20 सम्मेलन में श्रीअन्न आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।

राज्य के सभी पर्यटन निगम होटल्स में मिलेट आधारित व्यंजन परोसे जा रहे हैं, जिससे मिलेट्स को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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